बिलासपुर में पंचायत चुनाव से पहले बड़ा बवाल: 50 बैलेट पेपर गायब, प्रशासन में हड़कंप
बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं, लेकिन मतदान से ठीक पहले बिलासपुर जिले से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था और चुनावी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सदर उपमंडल में पंचायत चुनावों के लिए बैलेट पेपर तैयार करने के दौरान प्रधान पद से जुड़े 50 बैलेट पेपर रिकॉर्ड से गायब पाए गए हैं। मामला सामने आते ही प्रशासन और चुनाव विभाग में हड़कंप मच गया है।
घटना सदर उपमंडल के लखनपुर स्थित अंबेडकर भवन की है, जहां पंचायत चुनावों के लिए बैलेट पेपर लेखन और तैयार करने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान जंगल सुंगल पंचायत के प्रधान पद से संबंधित बैलेट पेपरों की जांच की गई तो रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी सामने आई। जांच के दौरान क्रमांक 58001 से 58050 तक के कुल 50 बैलेट पेपर मौके पर मौजूद नहीं मिले।
जैसे ही बैलेट पेपर गायब होने की जानकारी अधिकारियों को मिली, वहां मौजूद कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित सहायक रिटर्निंग अधिकारी (ARO) को तत्काल प्रभाव से उनके दायित्वों से हटा दिया है। वहीं बीडीओ सदर की शिकायत पर पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बैलेट पेपर किसी लापरवाही के चलते गायब हुए या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश है। जांच के दायरे में बैलेट पेपर लेखन केंद्र में तैनात कर्मचारी, अधिकारी और वहां मौजूद दस्तावेज शामिल किए गए हैं। अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है और पूरे रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट राज्य चुनाव आयोग को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि आयोग के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल प्रशासन और पुलिस की टीमें हर पहलू की गहन जांच में जुटी हुई हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले सोलन जिले के विकास खंड कुनिहार में भी बैलेट पेपर गायब होने का मामला सामने आया था। वहां लेखन कार्य के दौरान दो बैलेट पेपर गायब पाए गए थे, जिसके बाद आठ कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें चुनाव ड्यूटी से हटा दिया गया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने पंचायत चुनावों की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
प्रदेश में पंचायत चुनाव इस बार 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे। पंचायतों की संख्या बढ़ने के कारण इस बार रिकॉर्ड 31,182 पदों के लिए मतदान होगा, जबकि 70,224 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
चुनाव आयोग ने इस बार पांच अलग-अलग रंगों के बैलेट पेपर निर्धारित किए हैं। प्रधान पद के लिए हल्का हरा, उपप्रधान के लिए पीला, पंचायत सदस्य के लिए सफेद, पंचायत समिति सदस्य के लिए गुलाबी और जिला परिषद सदस्य के लिए हल्का नीला बैलेट पेपर इस्तेमाल किया जाएगा। प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों के नतीजे मतदान वाले दिन ही घोषित कर दिए जाएंगे, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव परिणाम 31 मई को घोषित होंगे।






