ट्रांसफर शिक्षक नहीं लगा पा रहे हाजिरी
विद्या समीक्षा केंद्र द्वारा शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति हेतु संचालित स्विफ्ट चैट बॉट एप से शिक्षक परेशान हो रहे हैं। इस ऐप में शिक्षक स्कूल कोड और शिक्षक के अपने राष्ट्रीय कोड से लॉग इन करते हैं, मगर शिक्षकों का तबादला होने पर यह ऐप त्वरित कार्य नहीं करती है। 8 मई को रिलीव ज्वाइन किए गए शिक्षकों का डाटा आज तक अपडेट नहीं हुआ है। विद्या समीक्षा केंद्र ने ट्रांसफर हुए शिक्षकों का गूगल शीट पर विवरण लिया और यू डाइज प्लस पोर्टल पर शिक्षकों को ऑनलाइन दूसरे स्कूल में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। शिक्षकों ने ये निर्देश भी पूरे कर यू डाइज प्लस में अपना नाम नए स्कूल में शिफ्ट कर दिया। इसके बाद डाटा सिंक होने की प्रक्रिया इतनी धीमी है कि पिछले 11 दिनों से यह डाटा ऑनलाइन अपडेट होकर सिंक करने में स्विफ्ट चैट ऐप सफल नहीं हो रही है। नतीजा यह है कि ट्रांसफर हुए शिक्षक का नाम स्विफ्ट चैट में अभी तक पिछले स्कूल में ही दिखाई दे रहा है और नए स्कूल में वे रोजाना अनिवार्य किया गया चेक इन नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में इस समस्या का समाधान करने की अपील राजकीय टीजीटी कला संघ ने स्कूल शिक्षा निदेशक और समग्र शिक्षा अभियान निदेशक से की है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल, उपाध्यक्ष देशराज कालिया और महासचिव विजय हीर सहित समूची प्रदेश कार्यकारिणी ने कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति में शिक्षक के शिफ्ट होने की प्रक्रिया को सरल बनाना होगा और उसके लिए अलग टैब इसी ऐप में बनाना होगा( इसमें रिलीविंग और ज्वाइनिंग की स्कैन कॉपी संबंधित स्कूल मुखिया तत्काल अपलोड करें और पीएमआईएस में भी अपडेट करें। संबंधित मुखिया के अप्रूवल उपरांत शिक्षक को राष्ट्रीय कोड अनुसार शिफ्ट करने की प्रक्रिया ऑनलाइन होनी चाहिए ताकि ट्रांसफर शिक्षक विभाग के रिकॉर्ड से कई दिनों तक बिना किसी वजह अनुपस्थित नहीं दिखें। रोजाना चेक इन की शर्त के चलते यह सुधार अपेक्षित है। ऐसे में उपस्थिति रजिस्टर ही एकमात्र विश्वसनीय विकल्प साबित हो रहा है जहां शिक्षकों की उपस्थिति इन स्थितियों भी लग रही है।
संघ ने ट्रांसफर प्रक्रिया सरल बनाने के लिए जताया आभार
टीजीटी कला संघ ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री के अप्रूवल बाद एक दिन में ट्रांसफर की व्यवस्था की। संघ ने यह मांग 20 मई को मुख्यमंत्री के समक्ष सचिवालय में रखी थी क्योंकि तबादलों की जटिल प्रक्रिया में समायोजन और आदेश निकलवाना एक सप्ताह से लंबा समय ले रहा था। कई जगह शिक्षकों को ज्वाइन नहीं किया जा रहा था, जबकि उनके ट्रांसफर आदेश मुख्यमंत्री ने दिए थे।












