कंड में पार्क का सपना अधूरा, 8 साल से खड़ी है सिर्फ शिलान्यास पट्टिका
नगर निगम धर्मशाला के वार्ड नंबर 14 कंड में आठ साल पहले सामुदायिक पार्क का शिलान्यास बड़े जोश-ओ-खरोश से हुआ था। आज वह जगह गाड़ियों की पार्किंग और झाड़ियों का ठिकाना बन चुकी है। पार्क न बनने से स्थानीय वार्ड के लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। 14 अप्रैल 2017 को तत्कालीन शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा, नगर निगम की तत्कालीन महापौर रजनी व्यास और उप महापौर देवेंद्र जग्गी ने इस पार्क की आधारशिला रखी थी। शिलान्यास के बाद भूमि को समतल कर दिया, लेकिन आज तक न तो पार्क की चहारदीवारी बनी, न झूले लगे और न ही ओपन जिम। पार्क के लिए प्रस्तावित भूमि एचपीसीए द्वारा बनाए गए होटल ब्लू रेडिसन के बिल्कुल समीप है। पार्क के ऊपर और नीचे की तरफ होटल के कमरे हैं। जब यहां कोई बड़ा नेता या आयोजन आता है तो पार्क की जगह पर 70–80 वाहन पार्क किए जाते हैं। इस स्थल को अब स्थानीय लोग पार्क के बजाय ‘गाड़ी स्टैंड’ कहने लगे हैं।
स्थानीय प्रतिनिधि बोले, नगर निगम को कई बार किया अवगत
वार्ड-14 की पार्षद किरण ने कहा कि पार्क का शिलान्यास मेरे चुनाव जीतने से पहले हुआ था। अब इस भूमि को होटल की पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। कई बार नगर निगम को अवगत करवाया, लेकिन हल नहीं निकला।
विधायक सुधारी बोले- सीएम ने निर्देश पर रोके जा रहे काम
पूर्व मंत्री और धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने इसे नगर निगम की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि नगर निगम के प्रतिनिधियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। जब हमारी सरकार आएगी तो इस कार्य को प्राथमिकता पर किया जाएगा। फिलहाल मौजूदा सरकार की स्थिति बेहद खराब है। जिस भी विभाग में विधायक निधि से पैसा दिया जा रहा है, उस पैसे को मुख्यमंत्री के निर्देशों पर खर्च करने से रोका जा रहा है। अधिकारी मुख्यमंत्री के कहने पर अड़चने फंसा रहे हैं। सरकारें आती और जाती रहती हैं, लेकिन विकास के काम नहीं रुकने चाहिए।
पूर्व मेयर का आरोप- होटल की सामग्री कब्जा जमाए बैठी है
नगर निगम के पूर्व मेयर एवं पार्षद देवेंद्र जग्गी ने कहा कि पार्क स्थल पर होटल की सामग्री और पर्यटकों की गाड़ियां खड़ी रहती हैं। कई बार होटल प्रबंधन से बात की गई है, लेकिन समस्या जस की तस है। अब इसे प्रशासनिक स्तर पर सुलझाया जाएगा ताकि वहां बच्चों के खेलने के लिए पार्क बन सके। पार्क परिसर की तारबंदी भी होनी चाहिए।
कटघरे में नगर निगम और वन विभाग की कार्यप्रणाली
एचपीसीए की ओर से गांव कंड में निर्मित होटल की वजह से नगर निगम को पार्क निर्माण में दिक्कतें पेश आ रही हैं। होटल परिसर की चहारदीवारी बहुत जरूरी है, ताकि पता चले कि प्रदेश सरकार ने कितनी भूमि एचपीसीए को लीज पर दी है। खाली सरकारी भूमि नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में है, लेकिन कब्जे किसी और के हैं। नगर निगम के ढुलमुल रैवये के कारण भी पार्क का कार्य लटका है। वहीं, इस जगह जिस तरह से हरे पेड़ों का कटान हुआ है, उससे वन विभाग की कार्यप्रणाली भी कटघरे में है, क्योंकि वहां कोई तारबंदी नहीं की है। इसके कारण वन भूमि में अतिक्रमण जारी है।












