शिमला : नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी की गिरफ्तारी, जुलूस निकालने पर हिंदू संगठन के दो नेता भी गिरफ्तार
शिमला। शिमला में एक नाबालिग किशोरी से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इस मामले की जांच के दौरान दो अन्य मुस्लिम युवकों को कथित तौर पर भीड़ के बीच ले जाकर संजौली बाजार में उनका जुलूस निकालने और उनके साथ मारपीट करने के आरोप में हिंदू संगठनों से जुड़े दो नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार 5 जून को एक 16 वर्षीय किशोरी के परिजनों ने महिला थाना शिमला में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि परिवार के परिचित एक युवक ने किशोरी को अपने प्रतिष्ठान में बुलाकर उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। शिकायत मिलने के बाद महिला थाना शिमला ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75 और पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान साक्ष्य जुटाने और तथ्यों के सत्यापन के बाद 22 वर्षीय उबैद को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को नियमानुसार अदालत में पेश किया जाएगा। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल की जा रही है।
इसी मामले के बीच संजौली बाजार में तनाव की स्थिति तब पैदा हुई जब कुछ लोगों ने दो अन्य मुस्लिम युवकों को कथित रूप से घेर लिया और उनका जुलूस निकाला। पुलिस के अनुसार इनमें अजीम मिर्जा और उसका सहकर्मी आफताब शामिल थे। पुलिस का कहना है कि किशोरी की शिकायत और उसके बयान में इन दोनों व्यक्तियों के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया गया था, हालांकि मामले में उनकी भूमिका की जांच की जा रही थी।
संजौली थाना में दर्ज एफआईआर के अनुसार अजीम मिर्जा ने शिकायत दी कि कुछ लोग उसकी दर्जी की दुकान में पहुंचे, एक युवती को साथ लाए और उससे पहचान संबंधी सवाल पूछे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि युवती द्वारा पहचान से इनकार करने के बाद उसके साथ मारपीट की गई, दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की तारें तोड़ी गईं और उसका वीडियो बनाने का प्रयास किया गया। शिकायत के अनुसार बाद में अजीम और आफताब को दुकान से बाहर सड़क तक ले जाकर उनके साथ मारपीट की गई तथा नारेबाजी की गई।
इस मामले में पुलिस ने संजौली थाना में बीएनएस की धाराओं 333, 115(2), 351(2), 191(2), 190, 324(4), 196(1) एवं 304 के तहत मुकदमा दर्ज कर हिंदू संगठन हिन्दू संघर्ष समिति से जुड़े शिमला निवासी मदन ठाकुर (43) और विजय शर्मा (47) को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने कहा कि नाबालिग किशोरी की शिकायत पर दर्ज मामले की जांच संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने, किसी व्यक्ति के साथ मारपीट करने, भीड़तंत्र का सहारा लेने या पुलिस जांच में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। एसएसपी ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर जो भी व्यक्ति किसी अपराध में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि गिरफ्तार किए गए मदन ठाकुर और विजय शर्मा का नाम पहले भी बहुचर्चित संजौली मस्जिद विवाद के दौरान आंदोलन में सामने आया था।
सितंबर 2024 में संजौली मस्जिद को लेकर बड़ा आंदोलन हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग संजौली बाजार में एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने मस्जिद में कथित अवैध निर्माण का मुद्दा उठाते हुए अवैध हिस्से को हटाने की मांग की थी। उस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। नगर निगम अदालत ने संजौली मस्जिद के अवैध हिस्से को ध्वस्त करने के आदेश दिये थे, जिसे जिला अदालत ने भी सही ठहराया है। संजौली मस्जिद से जुड़ा मामला फिलहाल हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।






