मंडी नगर निगम चुनाव: भाजपा के किले में सेंधमारी के लिए कांग्रेस ने झोंकी ताकत, CM व मंत्रियों ने संभाला मोर्चा
अनंत ज्ञान, डेस्क।
मंडी नगर निगम चुनाव अब पूरी तरह प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाने वाले मंडी में कांग्रेस ने इस बार पूरी ताकत झोंक दी है। कई मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता लगातार जनसभाएं, रोड शो और डोर-टू-डोर प्रचार कर चुनावी माहौल को गरमा रहे हैं। कांग्रेस का फोकस भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाकर नगर निगम पर कब्जा जमाने पर है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल तक खुद चुनावी मैदान में उतर आए हैं, जिससे मंडी नगर निगम चुनाव अब बेहद दिलचस्प और प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है।
कांग्रेस ने “मिशन मंडी” के तहत रणनीतिक तरीके से चुनावी घेराबंदी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विभिन्न वार्डों में जनसभाएं कर कांग्रेस सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और भविष्य की प्राथमिकताओं को जनता के सामने रखा। उन्होंने भाजपा पर मंडी के विकास को केवल चुनावी मुद्दा बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार शहर के बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
वहीं, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने संगठनात्मक स्तर पर कमान संभालते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम किया। उन्होंने वार्ड स्तर पर बैठकों और जनसंपर्क अभियानों के जरिए स्थानीय समीकरण साधने की कोशिश की। कांग्रेस का मानना है कि यदि मंडी नगर निगम में पार्टी को सफलता मिलती है तो इसका राजनीतिक संदेश पूरे प्रदेश में जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले नगर निगम चुनाव में भाजपा ने 15 में से 11 सीटों पर जीत दर्ज कर मंडी में अपना दबदबा कायम रखा था। ऐसे में इस बार कांग्रेस पूरी ताकत के साथ भाजपा के इस किले को भेदने की कोशिश में जुटी हुई है।
विक्रमादित्य और कौल सिंह ने संभाला जनसंपर्क अभियान
लोक निर्माण मंत्री विक्रादित्य और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कौल सिंह ठाकुर ने बुधवार को मंडी शहर में घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया। दोनों नेताओं ने भाजपा के विकास दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंडी का वास्तविक और संतुलित विकास कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही संभव है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरी है, जबकि भाजपा केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रही है। वहीं, कौल सिंह ठाकुर के लंबे राजनीतिक अनुभव और विक्रमादित्य सिंह के युवा जोश के मेल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भर दिया है।
भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना चुनाव
दूसरी ओर भाजपा भी मंडी नगर निगम को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, विधायक अनिल शर्मा और पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार प्रचार अभियान में जुटे हुए हैं। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में मंडी को “शिव नगरी” के रूप में विकसित करने, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, पार्किंग, महिला सुरक्षा और पर्यटन विकास जैसे बड़े वादे किए हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार मंडी नगर निगम चुनाव में सीधा मुकाबला बेहद कांटे का हो सकता है। कांग्रेस जहां सत्ता और सरकार के दम पर भाजपा के किले में सेंधमारी की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा अपने संगठन और पारंपरिक जनाधार के भरोसे मैदान में डटी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में मंडी का चुनावी माहौल और ज्यादा गर्म होने की संभावना है।






