कुलगांव फायरिंग कांड: महिला की मौत पर प्रशासन सख्त, 7 दिन में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
शिमला। जिला शिमला के रोहड़ू उपमंडल के अंतर्गत ग्राम कुलगांव में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हुई फायरिंग की दर्दनाक घटना में एक महिला की मौत के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच रिपोर्ट सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह घटना प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान हुई, जिसमें तहसील चिड़गांव के ग्राम अंधरा निवासी रितिका को गोली लग गई थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं कानून-व्यवस्था और धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल भी उठने लगे हैं।
जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने इस मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 196 के तहत मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं। इस जांच का मुख्य उद्देश्य घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाना, जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करना तथा किसी भी स्तर पर हुई प्रशासनिक या सुरक्षा संबंधी चूक को उजागर करना है।
जांच के लिए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे निष्पक्ष, विस्तृत और समयबद्ध तरीके से पूरे मामले की जांच सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या दोष सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसे आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जांच के प्रमुख बिंदु
फायरिंग की घटना तक पहुंचने वाले पूरे घटनाक्रम की जांच
मृतका की मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि
घटना में शामिल व्यक्तियों की भूमिका और जिम्मेदारी तय करना
आयोजनकर्ताओं की लापरवाही या सुरक्षा चूक की जांच
शस्त्र अधिनियम, 1959 के संभावित उल्लंघन की जांच
आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई के लिए सिफारिशें
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट निर्धारित सात दिनों के भीतर सौंप दी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।












