NHAI के हाथों में आई तीन और NH की जिम्मेदारी, हिमाचल के सड़क नेटवर्क को मिलेगी मजबूती
शिमला: हिमाचल प्रदेश में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य के तीन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंप दी गई है। इससे पहले इन मार्गों की देखरेख हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा की जा रही थी।
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार इस निर्णय से प्रदेश में सड़क सुरक्षा, रखरखाव और यातायात प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित, आधुनिक और सुगम यात्रा का अनुभव प्राप्त होगा। बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
एनएचएआई के अधिकार क्षेत्र में शामिल किए गए नए राष्ट्रीय राजमार्गों में एनएच-503 (पंजाब-हिमाचल सीमा से रानीताल तक) शामिल है, जो ऊना, अंब और मुबारकपुर से होकर गुजरता है। करीब 99 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को फोरलेन बनाने की प्रक्रिया भी जारी है।
इसके अलावा एनएच-154ए (पठानकोट-भरमौर मार्ग) को भी एनएचएआई के अधीन लाया गया है। लगभग 172 किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग चंबा जिले को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
वहीं एनएच-907, जो पांवटा साहिब के निकट से शुरू होकर हिमाचल-पंजाब सीमा तक जाता है, अब एनएचएआई की देखरेख में रहेगा। भले ही इसकी लंबाई करीब 7 किलोमीटर है, लेकिन रणनीतिक दृष्टि से यह मार्ग काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
सरकार और एनएचएआई को उम्मीद है कि इन राजमार्गों के बेहतर रखरखाव और विकास से प्रदेश में सड़क नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा तथा लोगों को यात्रा के दौरान बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।






