नग्गर में पक्षियों के प्रति प्रेम दर्शाती कलाकृतियां बनी आकर्षण का केंद
अंतरराष्ट्रीय रौरिक मैमोरियल ट्रस्ट नग्गर में दो महान चित्रकारों सिमरित लूथरा और परबीन कौर की कला प्रदर्शनी शीर्षक पैलेस ऑफ जॉए का शुभारंभ हुआ। इसका उद्घाटन रशियन क्यूरेटर लारिसा सुरगिना और पुष्पिंद्र भाटिया ने संयुक्त रूप से किया। प्रदर्शनी में कुल 30 चित्र प्रदर्शन पर हैं। प्रदर्शनी 4 जून तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी। दोनों कलाकारों की पेटिंग प्रकृति से प्रेरित हैं। कलाकार सिमरित लूथरा की कलाकृतियां फूलों की ओर ध्यान आकर्षित कर रही हैं। उनका कहना है कि ईश्वर सबसे बड़ा कलाकार है, इस ओर हमें सोचने पर प्रतिबंधित करता है। कला और प्रकृति का घनिष्ठ संबंध सदैव से रहा है। रंगों का अति सुंदर प्रयोग हुआ है। चित्रकार ने ऑयल, ब्रश और नाइफ का प्रयोग किया है। चित्रकार परवीन कौर ने भी ऑयल, ब्रश और नाइफ का प्रयोग किया है। उनकी कला कृतियां उनका पक्षियों के प्रति प्रेम दर्शाती हैं। उनका कहना है कि पक्षियों की स्वतंत्रता उन्हें आत्मिक बोध का संकेत देती हैं। कुछ पेंटिंग नारी की भावनाओं और उसकी समाज के हर कार्य में भूमिका का बोध कराती है। इस कला प्रदर्शनी को बहुत से कला प्रेमियों ने सराहा है। दोनों चित्रकार नए कलाकारों के लिए के लिए भी प्रेरणा स्रोत हैं। मुख्यातिथियों ने कलाकारों की कला क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि प्रदर्शनी निश्चित रूप से रौरिक एस्टेट पधारने वाले पर्यटकों एवं नवोदित कलाकारों को लाभाविन्त करेगी। दोनों चित्रकारों ने रौरिक आर्ट गैलरी में प्रदर्शनी लगाने के लिए स्थान देने के लिए डीसी कुल्लू एवं निदेशक आईआरएमटी नग्गर तोरुल एस रवीश एवं ट्रस्ट प्रबंधन का धन्यवाद किया है।












