हिमाचल में ईंधन बचाने की मुहिम तेज: सीएम सुक्खू ने घटाया काफिला, मंत्री और अधिकारियों को भी दिए निर्देश
शिमला। हिमाचल प्रदेश में बढ़ती ईंधन खपत और सरकारी फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटाने के निर्देश दिए हैं, ताकि पेट्रोल-डीजल की बचत हो सके और सरकारी खर्च कम किया जा सके। सरकार का मानना है कि इस कदम से आम लोगों के बीच भी ऊर्जा संरक्षण का सकारात्मक संदेश जाएगा।
दरअसल, इस पहल की शुरुआत राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने की थी। उन्होंने सबसे पहले लोक भवन में उपयोग होने वाले वाहनों की संख्या कम की और राज्य सरकार को पत्र लिखकर वीआईपी काफिलों में कटौती का सुझाव दिया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर दिए गए संदेश के बाद राजभवन से शुरू हुई यह मुहिम अब राज्य सचिवालय तक पहुंच गई है।
एक गाड़ी में बैठेंगे ज्यादा अधिकारी
सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सरकार का उद्देश्य केवल पेट्रोल-डीजल बचाना नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र में सादगी और जवाबदेही का संदेश देना भी है। इसी के तहत गैर-जरूरी गाड़ियों को हटाया जाएगा और अधिकारियों को एक ही वाहन में यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू पहले से ही आधिकारिक दौरों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब सरकार पूरे प्रशासनिक ढांचे में ईंधन की खपत कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की तैयारी में है।






