हिमाचल में बस खरीदने पर मिलेगी सब्सिडी, युवाओं को हर महीने ₹75 हजार तक देगी सरकार
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना (फेज-4) की अधिसूचना जारी कर दी है। इस योजना के तहत चयनित युवाओं को बस खरीदने के लिए सब्सिडी, बैंक ऋण और मासिक प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
हर उपमंडल में चिन्हित होंगे बस रूट
नई अधिसूचना के अनुसार प्रदेश के प्रत्येक उपमंडल में कम से कम 10 बस रूट चिन्हित किए जाएंगे। चयनित लाभार्थियों को इन रूटों पर बस संचालन की अनुमति दी जाएगी, जिससे दूरदराज और परिवहन सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में भी नियमित बस सेवा उपलब्ध हो सकेगी।
कौन उठा सकेगा योजना का लाभ?
योजना का लाभ केवल हिमाचल प्रदेश के स्थायी निवासी ही ले सकेंगे। आवेदक की आयु 25 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसके पास कम से कम तीन वर्ष पुराना भारी वाहन चलाने का वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। साथ ही, आवेदक किसी बैंक या सरकारी विभाग का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। चयन प्रक्रिया में कम आय वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
बस खरीदने पर मिलेगी आकर्षक सब्सिडी
सरकार इलेक्ट्रिक बस खरीदने पर 50 प्रतिशत और डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी देगी। लाभार्थी को कुल लागत का 10 प्रतिशत स्वयं वहन करना होगा, जबकि शेष राशि बैंक ऋण के माध्यम से उपलब्ध कराई जा सकेगी। योजना के तहत खरीदी जाने वाली बस में कम से कम 32 यात्रियों के बैठने की क्षमता होना जरूरी होगा।
हर महीने मिलेगा प्रोत्साहन
योजना के तहत केवल बस खरीदने में ही सहायता नहीं मिलेगी, बल्कि संचालन के लिए भी आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। सरकार डीजल बस संचालकों को ₹50 हजार और इलेक्ट्रिक बस संचालकों को ₹75 हजार प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि देगी। यह राशि तभी मिलेगी, जब बस निर्धारित रूट पर नियमित रूप से संचालित होगी।
नियमों का पालन होगा अनिवार्य
सभी बसों में जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा और संचालन की नियमित निगरानी की जाएगी। यदि बस बिना उचित कारण के निर्धारित रूट पर नहीं चलती है, तो प्रोत्साहन राशि रोक दी जाएगी। लगातार नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और परमिट रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा योजना के तहत खरीदी गई बस को पांच वर्ष तक बेचा या किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा।






