क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में स्टाफ की कमी से बढ़ा दबाव, 33 पद खाली; 3 कर्मचारियों के सहारे 24 लोगों का काम
ऊना। जिला के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में कर्मचारियों की कमी से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है। अस्पताल की स्टाफ रिक्वायरमेंट सूची के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के 33 पद रिक्त हैं। इनमें चिकित्सक, पैरामेडिकल, तकनीकी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद शामिल हैं।
तीन कर्मचारियों के सहारे 24 पदों का काम
सबसे ज्यादा कमी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की है। स्वीकृत 24 पदों में से 21 लंबे समय से खाली हैं और महज 3 कर्मचारी पूरे अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। इन कर्मचारियों पर मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर से विभागों तक पहुंचाने, वार्डों में जरूरी सामान पहुंचाने और अन्य सहायक कार्यों का भी जिम्मा है।
क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना 600 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इसके अलावा इमरजेंसी, वार्डों में भर्ती मरीजों की देखभाल और जांच सेवाएं भी लगातार चलती रहती हैं। ऐसे में स्टाफ की कमी से मौजूदा कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
अस्पताल में एक फोरेंसिक एक्सपर्ट, एक सर्जन, दो ऑब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट, दो रेडियोग्राफर, एक डेंटल मैकेनिक, एक फीमेल हेल्थ वर्कर, एक फीमेल हेल्थ सुपरवाइजर, एक ट्रेंड दाई और दो ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट की भी आवश्यकता है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मनकोटिया ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी का मामला सरकार के संज्ञान में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू होगी, ताकि मरीजों को बेहतर और सुचारू स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
वहीं, हाल ही में हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी रिक्त पदों का मुद्दा उठाया गया था। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के समक्ष चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी दूर करने की मांग रखी गई थी। उन्होंने मल्टीपर्पज वर्करों के माध्यम से व्यवस्था करने का प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष रखने का आश्वासन दिया था।






