हिमाचल पुलिस की चेतावनी: वायरल करने से पहले संभलें! फर्जी खबर शेयर की तो पड़ सकता है भारी...
शिमला। सोशल मीडिया के दौर में किसी खबर, तस्वीर या वीडियो को महज एक क्लिक में हजारों लोगों तक पहुंचाना आसान हो गया है। लेकिन इसी तेजी के साथ फर्जी खबरों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार की चुनौती भी बढ़ी है। इसे देखते हुए हिमाचल पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी सूचना को आगे साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांचने की अपील की है।
पुलिस ने कहा कि गलत या भ्रामक सूचना कई बार लोगों में भय, तनाव और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर सकती है। इसलिए किसी भी खबर को साझा करने से पहले यह देखना जरूरी है कि सूचना किस वेबसाइट, संस्था या व्यक्ति की ओर से जारी की गई है।
सरकारी आदेश और संवेदनशील सूचनाओं की करें पुष्टि
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि सरकारी आदेश, मौसम चेतावनी, पुलिस कार्रवाई, आपदा, भर्ती और अन्य संवेदनशील मामलों से जुड़ी जानकारी की पुष्टि संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या प्रमाणित सोशल मीडिया अकाउंट से जरूर करें।
किसी सूचना को केवल इसलिए सही नहीं मान लेना चाहिए कि उसे किसी परिचित ने भेजा है या वह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। महत्वपूर्ण जानकारी को एक से अधिक विश्वसनीय स्रोतों से क्रॉस चेक करना जरूरी है।
पुरानी तस्वीर और एडिटेड वीडियो से भी रहें सावधान
फर्जी सूचनाएं केवल लिखित संदेशों के जरिए ही नहीं फैलतीं। कई बार पुरानी तस्वीरों को नई घटना से जोड़कर, एडिट किए गए वीडियो को वास्तविक घटना बताकर या फर्जी स्क्रीनशॉट के जरिए भी लोगों को गुमराह किया जाता है। ऐसे में किसी तस्वीर, वीडियो या स्क्रीनशॉट को आगे भेजने से पहले उसके स्रोत और संदर्भ की जांच करने की जरूरत है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि झूठी सूचना या अफवाह का प्रसार हर स्थिति में स्वतः अपराध नहीं होता। हालांकि, यदि किसी सूचना का प्रसार कानून में निर्धारित परिस्थितियों के अंतर्गत आता है और उससे सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा या लोगों में भय की स्थिति पैदा होती है, तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
डीजीपी ने की अपील
डीजीपी अशोक तिवारी ने लोगों से जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी संदेश को केवल इसलिए आगे न बढ़ाएं क्योंकि उसे किसी परिचित ने भेजा है या वह बड़ी संख्या में शेयर हो रहा है। संदिग्ध सामग्री को वायरल करने के बजाय उसकी तथ्य-जांच करें और केवल सत्यापित जानकारी ही साझा करें।






