'वेट एंड वॉच', चुनाव में दखल के आरोपों पर सीएम सुक्खू की पत्नी का होशियार सिंह को टूक जवाब
देहरा। पंचायत समिति देहरा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर चल रहे सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी और देहरा से कांग्रेस विधायक कमलेश ठाकुर ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में पहुंचीं कमलेश ठाकुर ने जहां संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया, वहीं पूर्व विधायक होशियार सिंह के आरोपों पर भी जवाब दिया।
कमलेश ठाकुर ने कहा कि वह कांग्रेस की विधायक हैं और पार्टी के हितों की रक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने साफ कहा कि जहां भी पार्टी के लिए संघर्ष करने की जरूरत होगी, वह पूरी मजबूती के साथ खड़ी रहेंगी। उन्होंने कहा, "मैं अपनी पार्टी के हित में काम क्यों नहीं करूंगी? मुझे कांग्रेस के लिए जितनी मेहनत करनी पड़ेगी, मैं उतनी मेहनत करूंगी।"
पूर्व विधायक होशियार सिंह द्वारा पंचायत समिति चुनाव में हस्तक्षेप और लोकतंत्र की हत्या जैसे लगाए गए आरोपों पर कमलेश ठाकुर ने कहा कि होशियार सिंह उनसे बड़े हैं, इसलिए वह उनकी हर बात का जवाब देना उचित नहीं समझतीं। उन्होंने कहा कि किसी के दावा करने मात्र से यह तय नहीं हो जाता कि कितने सदस्य किसके समर्थन में हैं।
उन्होंने कहा, "अगर कोई कहता है कि 15 सदस्य भाजपा समर्थित हैं तो यह उनका दावा है। उसी तरह अगर मैं कह दूं कि 23 के 23 सदस्य कांग्रेस समर्थित हैं, तो क्या वह सच हो जाएगा? फैसला समय और चुनाव परिणाम ही करेंगे।" उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अभी सभी को इंतजार करना चाहिए — "वेट एंड वॉच।"
चुनाव टलने के बाद बढ़ा सियासी पारा
गौरतलब है कि देहरा पंचायत समिति में कुल 23 सदस्य हैं। अध्यक्ष पद के लिए बहुमत के लिए 16 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। 9 जुलाई को हुई चुनाव प्रक्रिया के दौरान पर्याप्त कोरम पूरा नहीं हो पाया था, जिसके चलते चुनाव स्थगित करना पड़ा।
पूर्व विधायक होशियार सिंह ने आरोप लगाया था कि भाजपा समर्थित सदस्यों पर दबाव बनाया जा रहा है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया था कि 23 में से 18 सदस्य भाजपा समर्थित हैं, लेकिन कुछ सदस्यों को चुनाव से दूर रखा गया।
वहीं, कांग्रेस विधायक कमलेश ठाकुर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पंचायत समिति का फैसला सदस्यों और चुनाव प्रक्रिया से ही तय होगा।
अब अगली बैठक पर टिकी नजरें
नई तारीख तय होने के बाद देहरा पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए दोबारा चुनाव होगा। ऐसे में देहरा की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला और तेज हो गया है। अब सभी की निगाहें अगली बैठक पर टिकी हैं, जहां साफ होगा कि पंचायत समिति की कमान किसके हाथों में जाती है।






