DSP विजय कुमार की शिकायत पहुंची राष्ट्रीय SC आयोग, DGP को नोटिस; 15 दिन में मांगी रिपोर्ट
शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा लगाए गए जातिगत उत्पीड़न के आरोप अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग तक पहुंच गए हैं। शिमला में तैनात डीएसपी (मुख्यालय) विजय कुमार की शिकायत पर आयोग ने संज्ञान लेते हुए हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने पूरे मामले में 15 दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट और अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से 30 जून 2026 को जारी नोटिस में कहा गया है कि मामले की जांच संविधान के अनुच्छेद-338 के तहत आयोग को प्राप्त संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप की जा रही है। आयोग के इस कदम के बाद अब पूरे मामले पर पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट और आगामी कार्रवाई पर नजरें टिकी हुई हैं।
3 जून की शिकायत पर शुरू हुई कार्रवाई
आयोग के अनुसार, डीएसपी विजय कुमार ने 3 जून 2026 को लिखित शिकायत भेजकर आरोप लगाया था कि उनके साथ जानबूझकर जाति के आधार पर उत्पीड़न और भेदभाव किया गया। शिकायत मिलने के बाद आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करने का निर्णय लिया और सीधे डीजीपी को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े सभी तथ्य, विभाग की ओर से अब तक उठाए गए कदम और उपलब्ध दस्तावेज निर्धारित समय के भीतर आयोग को भेजे जाएं। आयोग ने यह भी कहा है कि जवाब डाक, व्यक्तिगत रूप से या अन्य संचार माध्यमों से उपलब्ध कराया जा सकता है।
जवाब नहीं मिलने पर आयोग उठा सकता है सख्त कदम
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के वरिष्ठ अन्वेषक प्रवीण चंद्र दियुंडी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि यदि 15 दिनों के भीतर जवाब प्राप्त नहीं होता है तो आयोग संविधान के अनुच्छेद-338 के तहत प्राप्त सिविल कोर्ट जैसी शक्तियों का प्रयोग कर सकता है। ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारियों को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होने के लिए समन जारी किए जा सकते हैं।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्राप्त रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। नोटिस की प्रति शिकायतकर्ता डीएसपी विजय कुमार को भी भेज दी गई है।
सरकारी गाड़ी का मामला भी रहा था चर्चा में
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि भी पिछले कुछ समय से चर्चा का विषय बनी हुई है। आरोप है कि डीएसपी विजय कुमार से उनकी सरकारी गाड़ी उस घटना के बाद वापस ले ली गई थी, जब उन्होंने अपने पूर्व एसएसपी को सरकारी वाहन में लिफ्ट दी थी। इसके बाद उन्होंने छोटा शिमला थाना में सामान्य डायरी (जीडी) के माध्यम से शिकायत भी दर्ज करवाई थी।
अब डीएसपी विजय कुमार ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष यह भी आरोप लगाया है कि उनके साथ जाति के आधार पर उत्पीड़न किया गया। ऐसे में आयोग की जांच और पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट इस पूरे मामले की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है।






