धर्मशाला अग्निवीर भर्ती ठगी गिरोह में युवतियां भी शामिल, 700 अभ्यर्थियों का जुटाया था डाटा
धर्मशाला । अग्निवीर भर्ती रैली में युवाओं को सेना में भर्ती करवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के नेटवर्क में युवतियां भी शामिल थीं। मिलिट्री इंटेलिजेंस, पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों की आरंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह में शामिल युवतियां अभ्यर्थियों को फोन कर लुभाती थीं और भर्ती करवाने के नाम पर दलालों से मिलवाने का काम करती थीं।
सेना में भर्ती नहीं हो सके कुछ युवाओं को गिरोह की ओर से डंकी रूट के जरिए विदेश भेजने का लालच दिए जाने की भी जानकारी मिली है। यानी सेना में भर्ती करवाने के नाम पर युवाओं से रकम एंठने के साथ ही भर्ती में असफल युवाओं को विदेश भेजने का अवैध नेटवर्क भी चलाया जा रहा था।
जांच में सामने आया है कि धर्मशाला भर्ती के दौरान इस गिरोह के पांच दलाल सक्रिय थे, जिनमें से दो को मिलिट्री इंटेलिजेंस और धर्मशाला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन आरोपी अभी फरार हैं। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पटियाला पुलिस व मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम ने युद्ध स्तर पर अभियाना चलाया हुआ है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरोह के तार केवल हिमाचल और हरियाणा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि देश के कई हिस्सों तक जुड़े होने के संकेत मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि जांच एजेंसियों के अनुसार धर्मशाला में आयोजित अग्निवीर भर्ती के दौरान गिरोह ने करीब 700 अभ्यर्थियों का डाटा जुटाया था। इसमें ऐसे युवा भी शामिल थे, जो शारीरिक दक्षता परीक्षा व चिकित्सा जांच में पास व कुछेक बाहर हो चुके थे।
इन अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबर समेत अन्य व्यक्तिगत जानकारियां जुटाकर उन्हें दो, तीन और पांच लाख रुपए तक में सेना में भर्ती करवाने का झांसा देने की तैयारी थी। कुछ अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज भी आरोपियों के पास होने की बात जांच में सामने आई है।
देशभर में फैले नेटवर्क की कडिय़ां खंगाल रहीं एजेंसियां
मामले की गंभीरता को देखते हुए पटियाला पुलिस, मिलिट्री इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर जांच को आगे बढ़ा रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों, अभ्यर्थियों की सूची और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि 700 अभ्यर्थियों का डाटा कहां से जुटाया गया और इससे पहले अब तक कितने युवाओं को ठगने के लिए प्रयास किया गया। उधर, एसपी कांगड़ा ने बताया कि गिरोह के दोनों आरोपियों को पटियाला पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है।
मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की तलाश भी संबंधित पुलिस की ओर से की जा रही है। एजेंसियों को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनके संपर्कों की जांच के बाद नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में गिरफ्तारियों का दायरा बढऩे की संभावना है।






