CM सुक्खू पर टिप्पणी बनी सियासी मुद्दा, कांग्रेस का ऐलान- सुधीर शर्मा माफी मांगें वरना होगा उग्र विरोध
धर्मशाला। शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ भाजपा विधायक सुधीर शर्मा की कथित टिप्पणी को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। वीरवार को धर्मशाला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
कचहरी चौक पर बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समर्थन में अपना रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ किसी भी तरह की अपमानजनक भाषा को पार्टी कार्यकर्ता सहन नहीं करेंगे। उन्होंने भाजपा विधायक सुधीर शर्मा से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। नेताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियां स्वीकार नहीं की जाएंगी।
चंबा में भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर तंज कसते हुए विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि:
"मुख्यमंत्री सुक्खू के बाल कटवाकर उनका डीएनए टेस्ट करवाना चाहिए और उसे म्यूजियम में रखा जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां देख सकें कि ऐसा मुख्यमंत्री भी हुआ था।"
सुधीर शर्मा की इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया और इसे मुख्यमंत्री पद की गरिमा के खिलाफ बताया।
पुतला फूंकने की कोशिश, पुलिस ने छीना पुतला
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधायक सुधीर शर्मा का पुतला लेकर नारेबाजी की और उसे आग के हवाले करने का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस जवानों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और कार्यकर्ताओं से पुतला अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस की कार्रवाई के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता पुतला दहन नहीं कर पाए। इस दौरान कुछ समय के लिए मौके पर माहौल तनावपूर्ण भी हो गया, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही।
कांग्रेस ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर भाजपा विधायक ने अपनी टिप्पणी को लेकर माफी नहीं मांगी तो आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे। उन्होंने भाजपा नेतृत्व से भी इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
वहीं, इस पूरे मामले को लेकर भाजपा की ओर से अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री सुक्खू और विधायक सुधीर शर्मा के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच यह विरोध प्रदर्शन प्रदेश की सियासत में नई बहस को जन्म दे रहा है।






