कांगड़ा: होस्टल में प्रताड़ना से तंग आकर 14 वर्षीय छात्र ने दी जान, पिता की शिकायत पर स्कूल पर FIR दर्ज
कांगड़ा: जिला के खुंडियां थाना क्षेत्र के तहत 14 वर्षीय छात्र की संदिग्ध आत्महत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. सेना में सूबेदार पिता की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के चार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल में लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान होकर छात्र ने यह कदम उठाया.
मृतक छात्र 9वीं कक्षा का छात्र था. पुलिस के अनुसार मृतक छात्र के पिता ने अपनी शिकायत में बताया कि 2025 में अपने इकलौते बेटे का दाखिला एक निजी स्कूल में करवाया था. छात्र स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था. पिता ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से वो लगातार हॉस्टल में नहीं रहने की जिद कर रहा था. उसने परिवार को बताया था कि हॉस्टल में स्टाफ डंडों से मारपीट करता है और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है. यहां तक कि नया डंडा आने पर उसकी "टेस्टिंग" उसी पर करने की बात कहकर पीटा जाता था.
बस चालक पर पिटाई का आरोप
शिकायत के मुताबिक 4 जुलाई को जब पिता बेटे को लेने स्कूल पहुंचे तो एक शिक्षक ने कथित तौर पर कहा कि कम अंक आने पर बच्चे आत्महत्या तक कर लेते हैं. आरोप है कि इसी दिन स्कूल बस चालक ने मृतक छात्र को हॉस्टल का सामान लाने के लिए कुछ पैसे दिए थे. रास्ते में उसने 10 रुपये की आइसक्रीम खरीद ली थी. आरोप है कि 10 रुपये की आईसक्रीम खाने पर बस चालक ने मृतक छात्र को पीटा और इसकी शिकायत प्रिंसिपल, एमडी और हॉस्टल वार्डन से कर दी. इसके बाद तीनों ने भी कथित रूप से छात्र के साथ मारपीट की.
फंदे से लटक कर दी जान
पिता का कहना है कि घर लौटने के बाद बेटा बेहद सहमा और परेशान था. उन्होंने उसे भरोसा दिलाया कि सोमवार को स्कूल जाकर पूरे मामले में प्रबंधन से बात करेंगे, लेकिन रविवार शाम को जब परिवार खेत में काम कर रहा था तो घर से पत्नी के रोने की आवाज आई. घर पहुंचने पर देखा कि बेटा कमरे में फंदे से लटका हुआ था. परिजन उसे तुरंत सिविल अस्पताल खुंडियां ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में पोस्टमार्टम के लिए शव सिविल अस्पताल देहरा भेजा गया.
पुलिस ने पिता की शिकायत के आधार पर स्कूल के एमडी, प्रिंसिपल, हॉस्टल वार्डन और बस चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण) और धारा 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है. मामले की जांच एएसआई राकेश शर्मा को सौंपी गई है. पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है. जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.






