किन्नौर हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार, 50 साल पुराने पुलों का होगा सुरक्षा ऑडिट
शिमला। किन्नौर हादसे के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में मौजूद 50 वर्ष या उससे अधिक पुराने पुलों की सुरक्षा और मजबूती की जांच कराने का बड़ा फैसला लिया है। बढ़ते यातायात दबाव और समय के साथ कमजोर होती संरचनाओं को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के सभी मुख्य अभियंताओं को पुराने पुलों का विस्तृत सुरक्षा ऑडिट कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनता की आवाजाही के लिए उपयोग में आने वाले सभी पुल पूरी तरह सुरक्षित हों और भविष्य में किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके। तकनीकी रिपोर्ट में पुलों की वर्तमान स्थिति, उम्र, भार वहन क्षमता, मरम्मत की आवश्यकता और भविष्य में उनकी उपयोगिता का आकलन किया जाएगा।
प्रदेश में कई ऐसे पुल हैं जिनका निर्माण दशकों पहले हुआ था। उस समय वाहनों की संख्या कम थी, लेकिन वर्तमान में यातायात और भारी वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ चुका है। हाल ही में किन्नौर में पुल गिरने की घटना के बाद सरकार ने सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
रिपोर्ट में यदि कोई पुल तकनीकी रूप से कमजोर या जोखिमपूर्ण पाया जाता है तो उसके स्थान पर नए आधुनिक पुल के निर्माण की योजना बनाई जाएगी। वहीं जिन पुलों को मरम्मत और सुदृढ़ीकरण की जरूरत होगी, उनके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
सरकार नए पुलों के निर्माण और पुराने पुलों के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार से भी सहयोग लेने की तैयारी में है। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से प्रदेश की सड़क संपर्क व्यवस्था अधिक सुरक्षित और मजबूत होगी तथा संभावित हादसों की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।






