हिमाचल के बेटे ने किया कमाल: रोहित शर्मा बने JEE Main स्टेट टॉपर, 99.95% के साथ रचा इतिहास
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र से निकली प्रतिभा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर संकल्प मजबूत हो, मेहनत सच्ची हो और सही मार्गदर्शन मिले, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता। इसका ताजा उदाहरण हैं DAV पब्लिक स्कूल ग्रयोह के होनहार छात्र रोहित शर्मा, जिन्होंने JEE Main परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है।
रोहित शर्मा ने JEE Main 2026 के पहले सत्र में 99.77 पर्सेंटाइल हासिल किए थे, लेकिन उन्होंने यहीं रुकने के बजाय अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाया। दूसरे सत्र में उन्होंने 99.95 पर्सेंटाइल हासिल कर स्टेट टॉपर बनने का गौरव अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि से स्कूल, परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
साधारण परिवार, असाधारण उपलब्धि
हमीरपुर जिले के गांव पंजोत के रहने वाले रोहित एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता मनोहर लाल शर्मा भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में पटवारी के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता रीना देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद रोहित ने अपनी मेहनत और अनुशासन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
रोहित अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और निरंतर मेहनत को देते हैं। उनका कहना है कि नियमित अभ्यास और सही रणनीति ही उनकी सफलता की असली कुंजी रही।
सफलता का मंत्र: मेहनत, अनुशासन और स्मार्ट स्टडी
रोहित बताते हैं..."मैं रोजाना 10 से 11 घंटे पढ़ाई करता था। एनसीईआरटी की किताबों पर खास ध्यान दिया और नियमित रूप से मॉक टेस्ट देता रहा। सोशल मीडिया का सही तरीके से इस्तेमाल भी मेरी तैयारी में काफी मददगार रहा।"
आज के समय में जहां कई युवा सोशल मीडिया में समय गंवा देते हैं, वहीं रोहित ने इसे अपनी पढ़ाई का एक प्रभावी माध्यम बनाया।
अब JEE Advanced पर नजर
JEE Main में शानदार सफलता के बाद अब रोहित का अगला लक्ष्य JEE Advanced 2026 है। उनका सपना देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT मुंबई से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करने का है।
स्कूल और शिक्षकों में गर्व का माहौल
रोहित की इस उपलब्धि पर DAV पब्लिक स्कूल ग्रयोह प्रबंधन, अध्यक्ष जस्टिस प्रीतम पाल, उपाध्यक्ष मंजुला ठाकुर, मैनेजर एसके शर्मा, एसएमसी सदस्यों और समस्त स्टाफ ने उन्हें बधाई दी है।
स्कूल के प्रिंसिपल संजीव ठाकुर ने कहा--
*"रोहित शुरू से ही एक मेधावी छात्र रहा है। उसने न सिर्फ पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, बल्कि मैथ्स ओलंपियाड, साइंस ओलंपियाड और चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस जैसी प्रतियोगिताओं में भी राज्य स्तर पर कई बार प्रथम और द्वितीय स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।"
ग्रामीण युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
रोहित शर्मा की यह सफलता उन हजारों ग्रामीण छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और सही दिशा के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
रोहित की यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह कहानी बताती है कि प्रतिभा किसी शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती—जरूरत होती है तो सिर्फ दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास की।












