हिमाचल की सियासत गरमाई: कुलदीप राठौर का नड्डा पर पलटवार, केंद्र सरकार से मांगा 'श्वेत पत्र'
शिमला: हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव भले ही वर्ष 2027 में होने हैं, लेकिन प्रदेश की राजनीति अभी से पूरी तरह चुनावी रंग में रंगती नजर आ रही है। एक ओर कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल और योजनाओं के दम पर जनता का विश्वास बनाए रखने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी भी सत्ता में वापसी के लिए आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतर चुकी है। इसी बीच केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच वित्तीय सहायता और विकास कार्यों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं ठियोग विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के हालिया बयानों पर तीखा पलटवार करते हुए केंद्र सरकार से हिमाचल को दी गई आर्थिक सहायता का श्वेत पत्र (White Paper) जारी करने की मांग की है।
"भाजपा बताए हिमाचल को कितना मिला हक"
शिमला में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि भाजपा बार-बार हिमाचल को आर्थिक सहायता देने की बात करती है, लेकिन जनता के सामने यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि केंद्र सरकार ने प्रदेश को वास्तव में कितनी राशि प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। राठौर ने सवाल उठाते हुए कहा कि जेपी नड्डा हिमाचल के निवासी हैं, लेकिन उन्होंने प्रदेश के लिए कौन सा बड़ा विकास प्रोजेक्ट लाकर दिया, इसका जवाब भी जनता को मिलना चाहिए।
राठौर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार हिमाचल को उसके अधिकारों का पूरा हिस्सा देने में आनाकानी कर रही है और प्रदेश के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।
क्या बोले थे जेपी नड्डा?
गौरतलब है कि हाल ही में शिमला दौरे के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल की मदद कर रही है, लेकिन राज्य सरकार उपलब्ध कराए गए फंड का प्रभावी उपयोग नहीं कर पा रही।
नड्डा ने कहा था कि केंद्र राहत पैकेज और विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता उपलब्ध कराता है, लेकिन यदि धन का सही उपयोग नहीं होता तो इसका लाभ जनता तक नहीं पहुंच पाता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि प्रदेश सरकार कई महत्वपूर्ण पदों पर अतिरिक्त प्रभार (Additional Charge) के सहारे काम चला रही है और प्रशासनिक व्यवस्था स्थायी ढांचे पर नहीं चल रही।
GST के हिस्से को लेकर भी उठाए सवाल
कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र सरकार पर जीएसटी के मुद्दे पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जीएसटी के माध्यम से भारी राजस्व एकत्रित करती है, लेकिन राज्यों को उनका पूरा हिस्सा देने से बचती है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य को विशेष वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है, लेकिन भाजपा सरकार प्रदेश के वैध अधिकारों को भी समय पर जारी नहीं कर रही।
बागवानों के मुद्दे पर भी भाजपा पर साधा निशाना
राठौर ने बागवानी और सेब उत्पादकों के मुद्दे को उठाते हुए भाजपा नेताओं की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पूर्व में लिए गए कुछ फैसलों के कारण कई बागवानों को नुकसान उठाना पड़ा और आज वही भाजपा खुद को किसानों और बागवानों की हितैषी बताने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर भाजपा जवाब देने की स्थिति में नहीं है और आने वाले समय में इन सभी मामलों को जनता के सामने रखा जाएगा।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
जेपी नड्डा और कुलदीप सिंह राठौर के बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग से साफ है कि आने वाले महीनों में हिमाचल की राजनीति और अधिक गर्माने वाली है।






