सेब बागानों में मार्सोनिना-अल्टरनेरिया का प्रकोप, नौणी विवि के स्प्रे शेड्यूल पर उठे सवाल
हिमाचल प्रदेश के सेब बागान इन दिनों मार्सोनिना और अल्टरनेरिया जैसी बीमारियों की चपेट में हैं। मौसम की मार झेल रहे बागवानों के लिए इन रोगों ने नई परेशानी खड़ी कर दी है। इसी बीच डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के स्प्रे शेड्यूल और शोध व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
नौणी विवि के पूर्व कुलपति डॉ. विजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया है कि स्प्रे शेड्यूल में शामिल कुछ दवाएं विदेशों में प्रतिबंधित हैं और नई दवाओं को पर्याप्त परीक्षण के बिना शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 के बाद स्प्रे शेड्यूल में बदलाव के चलते मार्सोनिना और अल्टरनेरिया की समस्या बढ़ी है। उन्होंने सेब स्प्रे शेड्यूल की स्वतंत्र समीक्षा और पूरे मामले की जांच की मांग की है।
वहीं फल, फूल एवं सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान ने कहा कि इन रोगों पर दीर्घकालिक शोध और प्रभावी रणनीति की जरूरत है। उनका कहना है कि बागवान विश्वविद्यालय की सिफारिशों के अनुसार स्प्रे कर रहे हैं, बावजूद इसके हर साल बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है।
आरोपों के बाद नौणी विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। बताया जा रहा है कि स्प्रे शेड्यूल में शामिल कुछ रसायनों पर अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में प्रतिबंध या कड़े नियम लागू हैं।






