शिमला में 50 लाख के गहनों की चोरी का खुलासा: पंजाब की दो महिलाएं गिरफ्तार, 40 तोला सोना और 250 ग्राम चांदी बरामद
शिमला। प्रदेश की राजधानी शिमला में करीब 50 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण चोरी होने के सनसनीखेज मामले को पुलिस ने महज तीन दिनों में सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। शिमला पुलिस ने चोरी की वारदात को अंजाम देने वाली पंजाब की दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। खास बात यह रही कि पुलिस ने चोरी किए गए लगभग 40 तोला सोना और 250 ग्राम चांदी के सभी आभूषण भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस की यह कार्रवाई सीसीटीवी फुटेज, साइबर तकनीक और लगातार की गई तकनीकी निगरानी के दम पर संभव हो सकी।
पुलिस के अनुसार, 25 जून 2026 को शिमला के लोअर बाजार में खरीदारी के दौरान जिला शिमला निवासी खुब सिंह ठाकुर के स्लिंग बैग से अज्ञात महिलाओं ने बहुमूल्य आभूषण चोरी कर लिए थे। शिकायत मिलते ही सदर थाना शिमला में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। चोरी हुए आभूषणों की कीमत करीब 45 से 50 लाख रुपये आंकी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध महिलाओं और उनके वाहन की पहचान कर ली, जिसके बाद उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई।
जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी सीधे पंजाब नहीं गए। पुलिस को चकमा देने और अपनी लोकेशन छिपाने के लिए उन्होंने शिमला से नारकंडा, लुहरी, कींगल, कुल्लू, मंडी और बिलासपुर होते हुए पंजाब का लंबा रास्ता अपनाया। उन्हें उम्मीद थी कि लगातार रूट बदलने से पुलिस उनके पीछे नहीं पहुंच पाएगी, लेकिन तकनीकी निगरानी ने उनकी पूरी योजना नाकाम कर दी।
तकनीकी इनपुट मिलने के बाद पुलिस टीम ने 28 जून को पंजाब में दबिश देकर दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान 39 वर्षीय चन्द्रवती, निवासी पटियाला और 40 वर्षीय रेखा, निवासी राजपुरा (जिला पटियाला) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से चोरी किए गए सभी आभूषण बरामद कर लिए। इसके साथ ही शिमला पुलिस ने चोरी गई संपत्ति की 100 प्रतिशत रिकवरी कर एक बड़ी सफलता दर्ज की है।
दोनों महिलाओं को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 जुलाई 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपी पहले भी इस तरह की वारदातों में शामिल रही हैं या इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह सफलता टीमवर्क, साइबर विश्लेषण, तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई का परिणाम है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।






