गरीब परिवार से बिजली बोर्ड ने किया भद्दा मजाक, 900 मीटर दूर लगा दिया मीटर
बंगाणा तहसील में निर्धन परिवार के लिए बिजली आपूर्ति की सुविधा ही दुविधा बन गई है। मंगलवार को राष्ट्रीय दलित मानवाधिकार अभियान के नेता राज महे के साथ उपायुक्त कार्यालय पहुंचे परिवार ने अपना दुखड़ा सुनाया। इस परिवार ने राष्ट्रीय दलित राज महे के साथ ऊना जिले के उपायुक्त जतिन लाल को एक प्रार्थना पत्र सौंपा। राज महे ने बताया कि तहसील बंगाणा के जोल से रेखा देवी के घर से 900 मीटर (लगभग एक किलोमीटर) दूर बिजली के खंभे पर लगे बिजली के मीटर को घर में लगवाने बारे व घर में पीने के पानी कि सुविधा लेने बारे उपायुक्त के समक्ष समस्या रखी। प्रभावित परिवार की महिला सदस्य रेखा ने बताया कि करीब 20 वर्ष पहले उसके रिश्तेदार व मायका पक्ष ने जोल गांव में जमीन खरीद करके दी, जिस पर उसने 15 वर्ष पहले अपने पति के साथ टीन पोश मकान बनाया था। रेखा का पति मजदूरी करता है और निर्धन है। रेखा ने बिजली का मीटर लगाने बारे बिजली विभाग में आवेदन किया, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उनके घर के पास कोई बिजली का खंभा (पोल) नहीं है, इसलिए उनके यहां मीटर नहीं लग पाएगा। फिर बिजली बोर्ड ने रेखा के घर से 900 मीटर दूर एक बिजली के खंभे के ऊपर ही बिजली का मीटर लगा दिया, जिसके लिए उसे 7 हजार की तार का भुगतान करना पड़ा, जो कि पैसे उसने कर्ज उठाकर खर्च किए। कुछ समय के लिए तो रेखा के घर का बिजली का बिल दो सौ से पांच सौ रुपए तक आया, पर अब बिजली की तार खराब होने के बाद उनका बिल हजारों में आना शुरू हो गया है। बिजली बोर्ड ने रेखा के घर पर मीटर लगाने के लिए सात साल पहले दो खंभे लगाए, पर अभी तक इनमें तारें नहीं लग पाई हैं। इसके साथ साथ रेखा के घर में पीने के पानी का नल तक भी नहीं है और उसे पीने का पानी एक किलोमीटर दूर हैंडपंप से पानी लाना पड़ता है। इस समस्या बारे जिला उपायुक्त को दो बार प्रार्थना पत्र दे चुकी हैं, पर आज दिन तक कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं आई है। उपायुक्त जतिन लाल ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।












