कांगड़ा बना कांग्रेस का वार रूम, राहुल गांधी के साथ तैयार होगा 2027 की जीत का ब्लूप्रिंट
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाने वाले कांगड़ा जिला से कांग्रेस अब अपने भविष्य की रणनीति तय करने जा रही है। 2027 विधानसभा चुनाव को लक्ष्य बनाकर पार्टी ने ‘मिशन 2027’ का खाका तैयार करने के लिए कांगड़ा को मुख्य केंद्र चुना है, जिससे साफ है कि कांग्रेस इस बार चुनावी तैयारी को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
21 से 30 अप्रैल तक आयोजित होने वाले विशेष प्रशिक्षण शिविर के जरिए कांग्रेस न सिर्फ हिमाचल, बल्कि पंजाब और जम्मू-कश्मीर के संगठन को भी मजबूत करने की रणनीति पर काम करेगी। इस शिविर की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें राहुल गांधी सहित कई बड़े राष्ट्रीय नेता भाग लेंगे।
सूत्रों के अनुसार, शिविर के दूसरे चरण यानी 25 अप्रैल के बाद राहुल गांधी खुद कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच पहुंचकर उनमें नई ऊर्जा भरेंगे। यह दौरा संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं के मनोबल को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
इस बड़े आयोजन को लेकर प्रदेश सरकार और संगठन पूरी तरह अलर्ट है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार खुद तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू का मानना है कि कांगड़ा वह जमीन है, जहां से पूरे हिमाचल की राजनीति की दिशा तय होती है।
वहीं, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने इस आयोजन की पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी अब सुनियोजित रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार, ये 10 दिन केवल प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि कांग्रेस संगठन के भविष्य की मजबूत नींव रखने का अवसर होंगे।
कुल मिलाकर, कांगड़ा में होने वाला यह शिविर कांग्रेस के लिए सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि 2027 की सियासी लड़ाई का बिगुल साबित हो सकता है।












