1 जून से बिना 'हिम बस कार्ड' नहीं मिलेगी मुफ्त यात्रा, हजारों छात्रों पर पड़ेगा असर
शिमला: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। आगामी 1 जून 2026 से हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बसों में बिना 'हिम बस कार्ड' (Him Bus Card) के छात्रों को मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं मिलेगी। जिन छात्रों ने अभी तक यह कार्ड नहीं बनवाया है, उन्हें अब बसों में सफर करने के लिए पूरा किराया देना होगा।
HRTC प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि पुराने साधारण बस पास की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है और अब मुफ्त यात्रा का लाभ केवल हिम बस कार्ड धारक विद्यार्थियों को ही मिलेगा। निगम ने कार्ड बनवाने की अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित की है। इसके बाद किसी भी छात्र को पुराने पास के आधार पर यात्रा की अनुमति नहीं होगी।
अब तक सिर्फ 12,502 छात्रों ने बनवाया कार्ड
चिंता की बात यह है कि प्रदेश में हर वर्ष सामान्य तौर पर 50 से 55 हजार छात्र मुफ्त बस यात्रा के लिए पास बनवाते रहे हैं, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बावजूद अब तक केवल 12,502 विद्यार्थियों ने ही हिम बस कार्ड बनवाया है।
जानकारी के अनुसार इस कार्ड को बनवाने के लिए छात्रों को 243 रुपये शुल्क जमा करवाना पड़ता है। पहले इसकी अंतिम तिथि 30 अप्रैल रखी गई थी, लेकिन छात्रों और अभिभावकों की मांग को देखते हुए इसे एक माह बढ़ाकर 31 मई कर दिया गया था।
कार्ड बनवाने में आ रही तकनीकी परेशानियां
कार्ड बनने की धीमी रफ्तार के पीछे कई व्यावहारिक और तकनीकी समस्याएं भी सामने आई हैं। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा कमजोर होने के कारण छात्र ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
इसके अलावा HRTC की वेबसाइट पर कई सरकारी स्कूलों का डेटा अपडेट न होने से भी आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों ने कई बार निगम के समक्ष यह समस्या उठाई है, लेकिन अभी तक इसका पूरी तरह समाधान नहीं हो पाया है।
महिलाओं के लिए भी अनिवार्य हुआ हिम बस कार्ड
छात्रों के अलावा प्रदेश की महिलाओं को भी अब किराए में मिलने वाली 50 प्रतिशत छूट का लाभ लेने के लिए हिम बस कार्ड बनवाना होगा। राज्य सरकार द्वारा HRTC बसों में महिलाओं को दी जा रही रियायती यात्रा सुविधा अब कार्ड आधारित कर दी गई है। पहले महिलाओं को बिना किसी विशेष कार्ड के ही यह छूट मिल जाती थी।
सात लाख से अधिक छात्रों को प्रभावित कर सकता है फैसला
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से बारहवीं तक सात लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से हजारों छात्र प्रतिदिन HRTC बसों के माध्यम से स्कूल पहुंचते हैं। ऐसे में यदि 31 मई तक बड़ी संख्या में छात्रों के कार्ड नहीं बन पाए तो 1 जून से उन्हें यात्रा के लिए जेब से पैसा खर्च करना पड़ सकता है।
HRTC ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर हिम बस कार्ड अवश्य बनवा लें, ताकि मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे।
फिलहाल 31 मई आखिरी मौका है। इसके बाद बिना हिम बस कार्ड के न तो छात्रों को मुफ्त यात्रा मिलेगी और न ही महिलाओं को किराए में मिलने वाली 50 प्रतिशत छूट का लाभ।






