दल्ली-लेह बस में सैलानियों का सुहाना सफर शुरू
पहाड़ी रास्तों के रोमांच और यात्रा का शौक रखने वाले सैलानियों का सुहाना सफर शुरू हो गया है। देश के सबसे ऊंचे दिल्ली-लेह रूट पर वीरवार को एचआरटीसी की बस सेवा शुरू हो गई है। देश की सबसे अधिक ऊंचाई से गुजरने वाली लेह-दिल्ली रूट के इस सुहाने सफर पर आठ माह बाद एक बार फिर से हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस दौड़ पड़ी है। वीरवार सुबह साढ़े पांच बजे केलांग से लेह के लिए 12 यात्रियों के साथ बस रवाना हुई। इस दौरान एचआरटीसी केलांग डिपो के आरएम आयुष उपाध्याय मौजूद रहे। उन्होंने विधिवत पूजा-पाठ कर 12 यात्रियों सहित चालक-परिचालक को खतक पहनाकर लेह के लिए रवाना किया। लेह दिल्ली बस सेवा शुक्रवार को शुरू होगी। दुनिया के सबसे रोमांचक सफर का एहसास करवाने वाले दिल्ली-मनाली-लेह सड़क मार्ग पर जहां अन्य वाहनों की आवाजाही पहले ही शुरू हो गई है। वहीं, अब देश के सबसे लंबे व ऊंचे दिल्ली-लेह मार्ग पर पर्यटक एचआरटीसी की बस के सफर का आनंद ले सकेंगे।
सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है यह मार्ग
इस मार्ग के खुल जाने से चीन व पाकिस्तान की सीमा पर बैठे प्रहरियों तक पहुंचना आसान होता है। ज्मू कश्मीर रास्ते की तुलना में यह मार्ग सुरक्षित है। इसी बजह से भारतीय सेना इस सड़क को अधिक तरजीह देती है, इसलिए यह मार्ग सामरिक दृष्टि से भी अति महत्वपूर्ण है।
क्या रहेगी समय-सारिणी
दिल्ली आईएसबीटी से दोपहर 12:10 बजे, चंडीगढ़-43 से शाम 6:10 बजे, मनाली से रात 2:30 बजे, केलांग से सुबह 5 बजे, लेह आगमन रात्रि 8 बजे। वापसी समय, लेह से प्रात: 4 बजे, केलांग से शाम 6:30 बजे, मनाली से रात्रि 9 बजे, चंडीगढ़-17 आगमन रात 2:45 बजे व दिल्ली आईएसबीटी आगमन सुबह 8 बजे पहुंचेगी।
1827 रुपए किराया निर्धारित
1026 किमी. लंबे सफर का एचआरटीसी ने 1827 रुपए किराया निर्धारित किया है। पर्यटक 16500 फुट ऊंचे बारालाचा दर्रे, 15547 फुट ऊंचे नाकुला दर्रे, 13480 फुट तंगलांग ला और 16616 फुट ऊंचे लाचुंगला दर्रे का दीदार करवाएगी। यहां पर सैलानियों के लिए थोड़ी देर बस को रोका जाएगा और सैलानी दर्रे पर फोटोग्राफी का आनंद ले सकेंगे।
चार दर्रों को पार कर पहुंचते हैं लेह
एचआरटीसी की बस 4 बर्फीले र्रे पार कर 1026 किलोमीटर लंबा सफर 30 घंटों में तय करेगी। इनमें एचआरटीसी को एशिया के सबसे ऊंचे गांव किब्बर और मनाली, लेह रूट पर बारालाचा दर्रा, 16020 नकी दर्रा, 15552 लाचुंग दर्रा, 16620 तंगलंग दर्रा, 17480 से होते हुए सेवाएं देने के लिए वर्ष 2017 में एचआरटीसी का केलांग डिपो ल्किा बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवा चुका है।












