शिमला में फिर गरजे सफाई कर्मी, 5 जून से काम बंद करने का दिया अल्टीमेटम
शिमला। राजधानी शिमला में नगर निगम और सफाई कर्मियों के बीच विवाद एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। नगर निगम शिमला के तहत काम करने वाली सैहब समिति के सफाई कर्मियों ने शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और नगर निगम पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। प्रदर्शन कर रहे कर्मियों की मुख्य मांग नौकरी से निकाले गए 41 कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने की है।
सैहब समिति के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि नगर निगम और मेयर की ओर से पहले निकाले गए कर्मचारियों को वापस रखने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में समिति ने फिर से आंदोलन शुरू किया है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी लगातार अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल भरोसा दिया जा रहा है। उनका कहना है कि अगर कर्मचारियों को वापस नहीं रखा गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।जसवंत सिंह के मुताबिक 4 जून को एजीएम की बैठक होने वाली है। तब तक समिति धरना और प्रदर्शन जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि अगर एजीएम की बैठक में उनकी मांगों पर फैसला नहीं लिया गया तो 5 जून से सफाई कर्मी फिर से हड़ताल पर उतरेंगे। सफाई कर्मियों के प्रदर्शन के कारण नगर निगम और कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति फिर बनती दिख रही है।
इससे पहले भी सफाई कर्मी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन और हड़ताल कर चुके हैं। अब एक बार फिर नगर निगम पर कर्मचारियों को दिए गए आश्वासन पूरे न करने के आरोप लग रहे हैं।






