कुल्लू की गढ़सा घाटी में बादल फटने से उफान पर ब्यास नदी, पंडोह डैम के पांचों गेट खुले; डैहर पॉवर हाउस ठप
मंडी/कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 13 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसी बीच कुल्लू जिले की गढ़सा घाटी में बादल फटने की घटना के बाद ब्यास नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन और बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड) पूरी तरह सतर्क हो गया है।
ब्यास नदी उफान पर, पंडोह डैम से छोड़ा जा रहा 28 हजार क्यूसेक पानी
गढ़सा घाटी में बादल फटने और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते ब्यास नदी का जलप्रवाह काफी बढ़ गया है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पंडोह डैम के पांचों गेट खोल दिए गए हैं और करीब 28 हजार क्यूसेक पानी नियंत्रित तरीके से डाउनस्ट्रीम छोड़ा जा रहा है। इसके बाद प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता एडवाइजरी जारी की है।
भारी सिल्ट से डैहर पावर हाउस में बिजली उत्पादन बंद
लगातार बारिश के कारण ब्यास नदी में भारी मात्रा में सिल्ट (गाद) आने से बग्गी सुरंग को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। इसके चलते डैहर पावर हाउस में विद्युत उत्पादन भी फिलहाल रोक दिया गया है।
स्थिति पर लगातार नजर
विद्युत एवं यांत्रिक मंडल, पंडोह (बीबीएमबी) के अधिशाषी अभियंता चंद्रमोहन ने बताया कि पंडोह डैम के सभी पांचों गेट खुले हुए हैं और झील का जलस्तर लगभग 2916 फीट दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा कि ब्यास नदी में जितना पानी डैम के पीछे से आ रहा है, लगभग उतना ही नियंत्रित तरीके से आगे छोड़ा जा रहा है, ताकि जलस्तर सुरक्षित सीमा में बना रहे। विभाग जलप्रवाह पर लगातार नजर रखे हुए है और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
13 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, शिमला और सिरमौर समेत कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने और बिना जरूरी कारण यात्रा से बचने की अपील की है।






