हिमाचल में अगले 6 दिन मौसम का कहर! भारी बारिश, आंधी-तूफान और भूस्खलन का खतरा, 9 जिलों में अलर्ट
शिमला। हिमाचल प्रदेश में आने वाले दिनों में मौसम लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले छह दिनों तक बारिश, तेज आंधी-तूफान और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए विभिन्न जिलों के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिना जरूरी काम के जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों के किनारे, लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में जाने से परहेज करने की सलाह दी है। साथ ही खराब मौसम के दौरान स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश जिलों में आंधी-तूफान और तेज हवाओं को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 1 जुलाई को भी किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर शेष जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है।
2 जुलाई से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग ने 2 जुलाई के लिए कई क्षेत्रों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि इस दिन एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इसके चलते कई स्थानों पर तेज बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
3 जुलाई को कांगड़ा और मंडी में ज्यादा खतरा
3 जुलाई को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने कांगड़ा और मंडी जिलों के कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में यलो अलर्ट रहेगा।
4 और 5 जुलाई तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार 4 और 5 जुलाई को भी प्रदेश के निचले और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। लगातार बारिश के कारण सड़कें बाधित होने, भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
मानसून की एंट्री में हो रही देरी
इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून हिमाचल प्रदेश में सामान्य समय से करीब एक सप्ताह देरी से पहुंच रहा है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले पांच से छह दिनों में मानसून प्रदेश के कुछ हिस्सों में दस्तक दे सकता है।
फिलहाल मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार और नेपाल सीमा तक पहुंच चुका है, लेकिन उसकी रफ्तार धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि 2 जुलाई को सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ मानसून को आगे बढ़ने में मदद कर सकता है। यदि परिस्थितियां सामान्य रहीं तो अगले चार से पांच दिनों में मानसून हिमाचल प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।






