नीट पेपर लीक 2026 पर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान- फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा फैसला लिया है. पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के निर्देश दिए हैं. अब इस मामले की सुनवाई इसी कोर्ट में होगी. प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी.
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी. केस के तुरंत निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित होगी.
उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग को निर्देश जारी कर दिया गया है. हमारे लिए युवाओं से बढ़कर कुछ नहीं है. विद्यार्थियों के हित सुरक्षित करने के लिए ये एक बड़ा कदम है. युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
‘छात्रों का भविष्य खराब नहीं होने देंगे’
बता दें कि दो दिन पहले यानी 21 जुलाई को एनडीए संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ हुई थी. इस बैठक में पीएम मोदी नीट पेपर लीक मामले का जिक्र किया. बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया को संबोधित कर बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर क्या कहा. रिजिजू ने बताया कि पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों का भविष्य खराब नहीं होने देंगे. पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी. उन्होंने इसे घोर पाप बताया. पीएम ने कहा कि मामला सामने आते ही त्वरित कार्रवाई की गई. 13 लोगों को अरेस्ट किया गया. परीक्षा रद्द करने के बाद फिर से परीक्षा कराई गई. पीएम मोदी ने ये भी कहा कि आगे से कोई पेपर लीक न हो, इस बात का ध्यान रखा जाए.
पेपल लीक के मुद्दे पर संसद भी विरोध प्रदर्शन
बता दें कि पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष लगातार पीएम मोदी पर निशाना साध रहे थे कि वो इस पर चुप्पी साधे हुए हैं, कुछ बोल नहीं रहे हैं, कोई बड़ा एक्शन नहीं ले रहे हैं. पीएम मोदी ने इस मामले में अपनी चुप्पी 21 जुलाई को ही तोड़ दी थी. उधर, पेपर लीक के मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले करीब एक महीने से कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन हो रहा है.
कांग्रेस सहित कई विपक्ष दल इसका समर्थन कर रहे हैं. विपक्षी दल अलग से भी इसको लेकर प्रोटेस्ट कर रहे हैं. संसद के मानसून सत्र में पिछले तीन दिनों से इस मुद्दे को उठाया जा रहा है. विपक्ष इस पर लगातार चर्चा की मांग कर रहा है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है.






