पंचकूला में फं.दे से लटकी मिली हिमाचल की शिक्षिका, सुसाइड नोट में पति के अफेयर का जिक्र
सिरमौर/पंचकूला। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की रहने वाली एक JBT शिक्षिका की पंचकूला के कालका क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या का मामला सामने आया है। शिक्षिका अपने किराए के मकान में फंदे से लटकी हुई मिली। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने पति पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।
मृतका की पहचान अनिता के रूप में हुई है, जो सिरमौर जिले के सराह गांव की निवासी थीं। वह कालका हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में किराए के मकान में रह रही थीं और हिमाचल प्रदेश के परवाणु स्थित एक राजकीय विद्यालय में JBT शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। उनके पति रघुबीर गुरुग्राम स्थित एक निजी आईटी कंपनी में कार्यरत हैं।
जानकारी के अनुसार, अनिता पिछले दो दिनों से किसी का फोन नहीं उठा रही थीं। इस पर उनके पति ने बेटे को इसकी जानकारी दी। मां से संपर्क नहीं होने पर बेटा अपने मामा के साथ कालका स्थित आवास पहुंचा। मकान का दरवाजा अंदर से बंद था। परिजनों ने खिड़की से अंदर झांककर देखा तो अनिता कमरे में पंखे से लटकी हुई दिखाई दीं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। कमरे की तलाशी के दौरान एक डायरी बरामद हुई, जिसमें कथित रूप से सुसाइड नोट लिखा मिला है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नोट में महिला ने अपने पति के किसी अन्य महिला के साथ संबंध होने का जिक्र किया है। साथ ही लंबे समय से मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों का उल्लेख भी किया गया है।
परिजनों का आरोप है कि मृतका अपने पति के व्यवहार से लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान थी। मृतका के भाई देवीचंद ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी बहन को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सीन ऑफ क्राइम टीम ने भी मौके का निरीक्षण कर विभिन्न साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने डायरी को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हस्तलेखन की पुष्टि के बाद ही सुसाइड नोट की प्रामाणिकता स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य, पारिवारिक परिस्थितियों और अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।






