चंबा जिले के सबसे बड़े अस्पताल में दर्द निवारक इंजेक्शन ही नहीं
पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन कक्ष में मरीजों को दर्द निवारक इंजेक्शन भी बाहर से खरीद कर लगवाने पड़ रहे हैं। गैस की वजह से पेट में होने वाली दर्द में डॉक्टर मरीजों को पैनटॉप इंजेक्शन लिखते हैं जो आपातकालीन कक्ष में मौजूदा समय में खत्म हो चुके हैं। यह इंजेक्शन मरीज खरीदकर लगवा रहे हैं जबकि, आपातकालीन कक्ष में इस प्रकार की जरूरी दवाई होना काफी जरूरी है। क्योंकि, रात को दर्द से पीडि़त लोग ही इलाज करवाने के लिए यहां पहुंचते हैं। कई बार मरीजों के पास पैसे भी नहीं होते। ऐसे हालात में मरीजों को अपना इलाज करवाना मुश्किल हो जाता है। डॉक्टर सीधे पर्ची पर इंजेक्शन का नाम लिख देते हैं और स्टाफ नर्स मरीजों को इंजेक्शन बाहर से लाने के लिए बोल देती हैं। यदि मरीज इंजेक्शन खरीद कर ले आता है तो उसे लगा दिया जाता है अन्यथा इंजेक्शन का जुगाड़ होने तक मरीज को इंतजार करना पड़ता है। उधर, मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि कक्ष में मरीजों को दर्द निवारक इंजेक्शन क्यों नहीं लगाया जा रहा, इसके बारे में पूछताछ करके समस्या का निदान करवाया जाएगा।
इंजेक्शन न मिलना चिंता का विषय
स्थानीय लोगों हरीश कुमार, आशा, सुरेश कुमार, प्यार चंद, संजय शर्मा, शक्ति प्रसाद, विनोद, गुरमीत और योग राज ने बताया कि मेडिकल कॉलेज जिले का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है। ओपीडी सेवाएं शाम को जब बंद हो जाती हैं, तो सभी मरीज आपातकालीन कक्ष में इलाज करवाने के लिए जाते हैं। ऐसे में वहां दर्द निवारक इंजेक्शन न मिलना काफी चिंता का विषय है। इस दिशा में प्रबंधन को उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।












