मंत्री पंवार ने शहीद दिनेश कुमार को अर्पित की श्रद्धांजलि
गत दिनों पाकिस्तानी सेना द्वारा पुंछ सीमा पर किए गए हमले में शहीद हुए जिला पलवल के गांव नगला मोहम्मदपुर के लांस नायक दिनेश कुमार को श्रद्धांजलि देने के लिए हरियाणा के विकास एवं पंचायत व खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार रविवार को गांव नगला मोहम्मदपुर पहुंचे। मंत्री ने शहीद दिनेश कुमार के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया और भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि केंद्र व हरियाणा सरकार द्वारा शहीद के परिजनों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से भी शहीद के परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि पलवल की धरती के वीर सपूत शहीद दिनेश कुमार ने सीमा पर पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी का डटकर मुकाबला करते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया, जिस पर सभी भारतवासियों को गर्व है।
भारत की सेना ने दुश्मन की नापाक हरकतों का दिया करारा जवाब
मुख्यमंत्री ने देश की सेना के शौर्य का जिक्र करते हुए कहा कि सेना ने अद्य साहस, पराक्रम और रणनीति से पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। हमारे सशस्त्र बलों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब देते हुए पाकिस्तान में स्थित आतंकियों के ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। भारत की सेना ने दुश्मन की नापाक हरकतों का करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण आतंकवाद के खिलाफ सशक्त कार्रवाई हुई है। प्रधानमंत्री ने हमेशा मानवता पर विशेष ध्यान दिया है।
राज्य में सरकारी नौकरियां देने का सिलसिला रहेगा जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार, उत्तराखंड के समग्र विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य हर क्षेत्र में काम हो रहा है। राज्य में युवाओं को रोजगार देने में सारे रिकॉर्ड तोड़े गए हैं। बीते 3 सालों में 23 हजार से अधिक सरकारी नौकरियों में नियुक्तियां युवाओं को दी गई हैं, आगे भी अनवरत रूप से नौकरी देने का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने कहा देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। पूर्व की सरकारों की विफलताओं के कारण देवभूमि की डेमोग्राफी में गंभीर बदलाव देखने को मिल रहे थे। जिसके लिए राज्य सरकार ने देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए कठोर कदम उठाए हैं।












