शिमला पुलिस का बड़ा एक्शन, बैकवर्ड लिंकिज से पकड़े गए नशा कारोबार के मास्टरमाइंड
शिमला: हिमाचल प्रदेश पुलिस अब सिर्फ छोटे नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी अभियान के तहत शिमला पुलिस ने बैकवर्ड लिंकिज के जरिए उत्तर प्रदेश और पंजाब से दो बड़े सप्लायरों को गिरफ्तार कर नशा कारोबार पर बड़ा प्रहार किया है। पुलिस का दावा है कि वर्ष 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकिज के आधार पर 39 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 9 गुना अधिक है।
एएसपी शिमला अभिषेक ने बताया कि पुलिस थाना रोहड़ू में दर्ज मामले में पहले सिद्धांत खागटा निवासी रोहड़ू और गौरव कुमार निवासी बिलासपुर को गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपियों के कब्जे से नाइट्रोसन-10 की 190 प्रतिबंधित गोलियां बरामद हुई थीं। मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने टेक्निकल एनालिसिस, व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और बैंक लेन-देन की गहन जांच की। जांच में खुलासा हुआ कि प्रतिबंधित दवाइयों की खेप लखनऊ से कूरियर के जरिए हिमाचल भेजी जा रही थी।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 17 मई 2026 को लखनऊ निवासी अहमर ब्रिजास को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी लखनऊ में केमिस्ट शॉप चलाता था और बिना वैध मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन के प्रतिबंधित दवाइयां उपलब्ध करवा रहा था। पुलिस अब आरोपी के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई कर रही है।
वहीं, पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज एक अन्य मामले में निशान सिंह और गुरप्रीत सिंह को 10.300 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों और आर्थिक लेन-देन का विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि चिट्टे की सप्लाई पंजाब के फिरोजपुर क्षेत्र से की जा रही थी और इसका मुख्य सप्लायर आकाशदीप उर्फ आकाश है।
शिमला पुलिस की टीम ने पंजाब पुलिस के सहयोग से जलालाबाद में विशेष ऑपरेशन चलाकर 19 मई 2026 को आरोपी आकाशदीप को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का संबंध भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र से जुड़े नशा नेटवर्क से था, जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
एएसपी अभिषेक ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक 30 अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल पुलिस अब सिर्फ नशा बेचने वालों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क, मुख्य सप्लायरों और फाइनेंशियल चैन को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और संगठित नशा तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।






