राज्य में कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक ने रचा नया इतिहास
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक ने अपने 105 वर्षों के इतिहास में पहली बार 2024-24,25 में 199 करोड़ रुपए का रिकॉर्डतोड़ मुनाफा अर्जित किया है। यह जानकारी कांगड़ा को- ऑपरेटिव बैंक के प्रदेश चेयरमैन कुलदीप सिंह पठानिया ने शुक्रवार को बंगाणा में मीडिया से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान बैंक की स्थिति चिंताजनक थी, लेकिन वर्तमान प्रबंधन ने कड़ी मेहनत और वित्तीय अनुशासन से बैंक को घाटे से उबारा और उसे मुनाफे की राह पर अग्रसर किया। पठानिया ने कहा कि जब उन्होंने 2016 से लेकर 2023 तक का कार्यभार देखा, तो पाया कि पूर्व जयराम ठाकुर सरकार के समय बैंक में भारी अव्यवस्थाएं थीं। उन्होंने बताया कि उस समय कांगड़ा बैंक का एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स) 1300 करोड़ रुपए से अधिक हो चुका था, जो बैंक की वित्तीय सेहत के लिए खतरे की घंटी थी। हालांकि, उस समय बैंक का सालाना मुनाफा 34 करोड़ रुपए था। पठानिया ने बताया कि बैंक की मौजूदा टीम ने एनपीए को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए। ऋण वसूली को प्राथमिकता दी गई और जिन ऋणों की वसूली नहीं हो रही थी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। इसके नतीजे स्वरूप दो वर्षों में एनपीए में 55 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि एनपीए में सुधार कर बैंक को वित्तीय संकट से बाहर निकालना आसान नहीं था, लेकिन उनके नेतृत्व और बैंक के कर्मियों की मेहनत से यह संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि हमने केवल दो वर्षों में एनपीए जो 1300 करोड़ भाजपा सरकार छोड़ कर कांगड़ा बैंक को गई थी। हमने छह सौ करोड़ रुपए तक पुन: प्राप्त कर लिया और बैंक को पुन: लाभ में ला खड़ा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में 400 से ज्यादा कांगड़ा बैंक कि शाखाएं हैं और 122 जनता की सुविधाओं के लिए एटीएम लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा बैंक राज्य नहीं बल्कि अन्य जनता की भी पहली पसंद बन चुका है। इस मौके पर कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, कमेटी अध्यक्ष राम आसरा शर्मा, वीडीसी सदस्य जोगेंद्र देव आर्य, देसराज मोदगिल, महिंद्र सिंह,कांग्रेस नेता सुदेश कुमार शर्मा के अलावा प्रधान उपप्रधान एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।












