किलकारियां थमीं, मातम पसरा: इंजेक्शन के बाद 45 दिन की बच्ची की संदिग्ध मौत, अस्पताल पर लापरवाही के आरोप
शिमला: राजधानी शिमला के दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल में टीकाकरण के बाद 45 दिन की एक मासूम बच्ची की मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को शिकायत दी है, जबकि प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार संजौली निवासी 45 दिन की कियांशी को बुधवार सुबह नियमित टीकाकरण के लिए डीडीयू अस्पताल ले जाया गया था। परिजनों का कहना है कि टीकाकरण के बाद कुछ समय तक बच्ची सामान्य रही, लेकिन दोपहर के समय उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों के अनुसार बच्ची के शरीर ने प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया और उसकी नाक से खून भी बहने लगा।
घबराए परिजन बच्ची को तुरंत इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए। डॉक्टरों ने सीपीआर सहित अन्य चिकित्सीय प्रक्रियाएं अपनाईं, लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका और उसे मृत घोषित कर दिया गया।
घटना के बाद आईजीएमसी के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग में बच्ची के शव का पोस्टमार्टम किया गया। शुरुआती जांच में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित रख लिया है, जिसे जांच के लिए एफएसएल जुन्गा भेजा जाएगा। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं पुलिस ने भी परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि छह सप्ताह की आयु पूरी होने पर शिशुओं को पेंटावेलेंट, इंजेक्टेबल पोलियो, न्यूमोकोकल वैक्सीन सहित अन्य नियमित टीके लगाए जाते हैं। फिलहाल बच्ची की मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
महज 45 दिन पहले जिस घर में किलकारियां गूंजी थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। मासूम की मौत से परिवार सदमे में है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।






