15 बनाम 3 के दावों के बीच बदले सियासी समीकरण: 9-9 की बराबरी के बाद टॉस से भाजपा ने जीती चंबा BDC अध्यक्षी
चंबा। चंबा विकास खंड समिति (BDC) अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव ने जिले की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी की ओर से 15 सदस्यों के समर्थन का दावा किया जा रहा था, जबकि कांग्रेस के खाते में केवल 3 सदस्यों का समर्थन होने की चर्चा थी। लेकिन मतदान के समय राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल गई और मुकाबला 9-9 की बराबरी पर पहुंच गया।
अध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान में दोनों पक्षों को समान मत मिलने के बाद फैसला टॉस के जरिए किया गया। टॉस में भाजपा समर्थित उम्मीदवार काजल के पक्ष में परिणाम आया और वह अध्यक्ष निर्वाचित घोषित की गईं। वहीं हेम सिंह उपाध्यक्ष चुने गए।
चुनाव परिणाम के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर रही कि 15 बनाम 3 के दावों के बावजूद मुकाबला बराबरी तक कैसे पहुंच गया। राजनीतिक गलियारों में इसे चंबा की बदलती सियासी परिस्थितियों और स्थानीय स्तर पर सक्रियता का परिणाम माना जा रहा है।
कांग्रेस खेमे ने 9-9 की बराबरी को अपनी राजनीतिक मजबूती और सदर विधायक नीरज नैय्यर के नेतृत्व में संगठन पर कार्यकर्ताओं तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों के भरोसे का संकेत बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लगातार जनसंपर्क, विकास कार्यों पर फोकस और संगठन को मजबूत करने की रणनीति के चलते पार्टी अपेक्षा से कहीं बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रही।
कांग्रेस समर्थकों का यह भी कहना है कि शुरुआती राजनीतिक गणित उनके खिलाफ दिखाई दे रहा था, लेकिन अंतिम मतदान ने साबित कर दिया कि जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत है। उनका मानना है कि टॉस के जरिए भले ही अध्यक्ष पद भाजपा के खाते में गया हो, लेकिन बराबरी तक पहुंचना अपने आप में एक बड़ा राजनीतिक संदेश है।
दूसरी ओर भाजपा ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर जीत दर्ज कर इसे संगठनात्मक सफलता बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अंतिम परिणाम उनके पक्ष में रहा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत उन्हें निर्वाचित प्रतिनिधियों का समर्थन प्राप्त हुआ।
चुनाव के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चंबा की राजनीति में केवल दावों और आंकड़ों के आधार पर परिणाम का अनुमान लगाना आसान नहीं है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सियां भाजपा के खाते में जरूर गई हैं, लेकिन 9-9 की बराबरी और टॉस के जरिए हुआ फैसला आने वाले दिनों में भी राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना रहेगा।






