CM के 'मिशन रिपीट' पर बिक्रम ठाकुर का पलटवार, बोले- रिपीट नहीं, डिफीट होगी कांग्रेस सरकार
शिमला। हिमाचल प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व उद्योग मंत्री एवं भाजपा नेता बिक्रम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के 'मिशन रिपीट' वाले बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार रिपीट नहीं बल्कि डिफीट होने जा रही है। उन्होंने सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल को विफलताओं से भरा बताते हुए कानून-व्यवस्था, अवैध खनन, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।
'चार साल में सिर्फ विफलताओं के रिकॉर्ड बने'
शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए बिक्रम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार पिछले चार वर्षों में हर मोर्चे पर असफल रही है। उनका आरोप था कि सरकार न तो प्रशासनिक व्यवस्था संभाल पाई और न ही विकास कार्यों को गति दे सकी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को हरसंभव सहयोग दिया। बल्क ड्रग पार्क परियोजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, लेकिन राज्य सरकार अब तक इस परियोजना को धरातल पर नहीं उतार सकी। इसके अलावा बिना किसी शर्त के मिले 100 करोड़ रुपये भी सरकार ने वापस कर दिए, जो उसकी कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
'रिपीट नहीं, डिफीट होगी कांग्रेस'
मुख्यमंत्री सुक्खू के 'मिशन रिपीट' बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बिक्रम ठाकुर ने कहा कि जनता कांग्रेस सरकार से निराश है और आगामी विधानसभा चुनाव में उसे सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री लंबे समय तक विभिन्न पदों पर नॉमिनेटेड रहे हैं, जबकि विधानसभा चुनाव जनता के बीच जाकर जीतना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि हाल के पंचायत और नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस की स्थिति जनता के सामने आ चुकी है।
अवैध खनन और कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
भाजपा नेता ने प्रदेश में अवैध खनन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब सरकार के मंत्री ही कथित तौर पर अवैध खनन से जुड़े लोगों के साथ साझेदारी में हों, तो इस पर प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद नहीं की जा सकती।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में फिरौती की घटनाएं बढ़ रही हैं, ड्रग्स के खिलाफ अभियान केवल कागजों तक सीमित है और कुल्लू में रेव पार्टियां हो रही हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि एक मामले में हाईकोर्ट द्वारा एसपी और एसडीएम को हटाने के निर्देश दिए गए, लेकिन सरकार के वकील अदालत में उनका बचाव करते नजर आए।
पेपर लीक मामले में भी उठाए सवाल
बिक्रम ठाकुर ने पेपर लीक प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि सीबीआई ने तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की थी, लेकिन राज्य सरकार की इच्छाशक्ति के अभाव में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
राम मंदिर मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस पूजा-पाठ और राम मंदिर की बात कर रही है, जबकि अतीत में वही पार्टी राम मंदिर का विरोध करती रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील मंदिर निर्माण के खिलाफ अदालत में खड़े हुए थे और प्राण प्रतिष्ठा के दिन भी कांग्रेस नेताओं का रवैया सबने देखा।
'600-700 नौकरियों' वाले वायरल बयान पर भी बोले
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के कथित वायरल बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बिक्रम ठाकुर ने कहा कि यदि कोई मंत्री स्वयं 600 से 700 लोगों को सिफारिश के आधार पर नौकरी दिलाने की बात कर रहा है, तो यह प्रदेश में बैकडोर भर्ती और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला है।
उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार की कार्यशैली से परेशान है और आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका जवाब कांग्रेस को वोट के जरिए मिलेगा।






