राहत भरी खबर! हिमाचल में सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल, LPG सिलेंडर के भी घटे दाम
नई दिल्ली/शिमला। जुलाई महीने की पहली तारीख देश सहित हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में आई गिरावट का असर अब घरेलू बाजार में भी दिखाई देने लगा है। एक तरफ जहां कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में बड़ी कटौती की गई है, वहीं निजी क्षेत्र की ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने अपने पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल के दाम घटाने की घोषणा की है।
तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की है। राजधानी दिल्ली में अब यह सिलेंडर 2,930 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि जून महीने में इसकी कीमत 3,113.50 रुपये थी। हिमाचल प्रदेश में भी कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में इसी अनुपात में राहत मिलेगी, हालांकि विभिन्न जिलों में परिवहन शुल्क के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
हालांकि, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पुरानी दरें ही लागू रहेंगी। इसके बावजूद कमर्शियल गैस सस्ती होने से होटल, रेस्तरां, ढाबों और खानपान सेवाओं से जुड़े कारोबारियों की परिचालन लागत कम होने की उम्मीद है।
उधर, देश की प्रमुख निजी ईंधन विक्रेता कंपनी नायरा एनर्जी ने अपने देशभर में फैले 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कीमतों में कटौती की है। नई दरों के अनुसार कंपनी के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता मिलेगा। ये नई कीमतें 1 जुलाई से लागू हो गई हैं। हिमाचल प्रदेश में भी नायरा के कई पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिससे प्रदेश के लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया और मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के कारण ईंधन बाजार में राहत का माहौल बना है। पिछले कुछ महीनों में वैश्विक परिस्थितियों के चलते ऊर्जा उत्पादों की कीमतों में तेजी आई थी, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा था। अब अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट का फायदा धीरे-धीरे उपभोक्ताओं तक पहुंचने लगा है।
हिमाचल प्रदेश जैसे पर्यटन आधारित राज्य के लिए यह राहत और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रदेश में हजारों टैक्सियां, टूरिस्ट वाहन, निजी बसें और मालवाहक वाहन रोजाना सड़कों पर चलते हैं। ईंधन की कीमतों में कमी से परिवहन लागत घटने की संभावना है, वहीं शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी, किन्नौर और स्पीति जैसे पर्यटन स्थलों पर होटल और रेस्तरां कारोबारियों को भी कमर्शियल गैस सस्ती होने का लाभ मिलेगा।
हालांकि, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है और उनके आउटलेट्स पर पहले वाली दरें ही लागू रहेंगी।
लगातार बढ़ती महंगाई के बीच जुलाई महीने की शुरुआत आम लोगों, व्यापारियों, परिवहन और पर्यटन क्षेत्र के लिए राहत भरी मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इसका सकारात्मक असर बाजार और उपभोक्ताओं दोनों पर देखने को मिल सकता है।






