आजादी के 79 साल बाद भी अंधेरे से जूझ रहे घीड़ी पंचायत के गांव, कम वोल्टेज से ग्रामीण परेशान
ग्रामीण बोले-अब भी नहीं सुधरी व्यवस्था तो करेंगे आंदोलन
अनंत ज्ञान। राजेंद्र कुमार, जय देवी
जिला मंडी के नाचन विधानसभा क्षेत्र की घीड़ी पंचायत के कई गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। आज़ादी के 79 वर्ष बीत जाने के बावजूद पंचायत के खरलोह, नमाना और शिल्हिसेरी गांवों में बिजली की समस्या लगातार बनी हुई है। कम वोल्टेज के कारण ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है और बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और बिजली विभाग के अधिकारियों के समक्ष यह समस्या उठाई, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया। लोगों के अनुसार क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति इतनी कम वोल्टेज के साथ हो रही है कि कई बार घरों में लगे बल्ब तक पूरी तरह नहीं जल पाते। शाम ढलते ही गांवों में अंधेरे जैसे हालात बन जाते हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि बिजली की कमजोर आपूर्ति के कारण टेलीविजन, पंखे और अन्य घरेलू उपकरण भी सही ढंग से काम नहीं कर पाते। गर्मी के मौसम में यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। कई परिवारों को रात के समय दीये जैसी मंद रोशनी में काम चलाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। पर्याप्त रोशनी न मिलने के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं घरेलू कामकाज भी प्रभावित होने से लोगों को अधिकांश कार्य दिन के समय ही निपटाने पड़ते हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त शारीरिक और मानसिक दबाव पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्षों से समस्या बने रहने के बावजूद विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। प्रभावित ग्रामीण नारायण सिंह, संजय कुमार, संदीप कुमार, ज्ञान चंद और मेहर चंद ने सरकार तथा बिजली विभाग से क्षेत्र में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित करने और बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें अपने अधिकारों के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभाग शीघ्र कार्रवाई कर क्षेत्रवासियों को पर्याप्त वोल्टेज उपलब्ध करवाएगा, ताकि बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्य और सामान्य जनजीवन सुचारू रूप से चल सके।






