एक साल बाद मिली पाइप, कॉलेज चौक से पानी के टैंक तक पाइप बिछाने का कार्य हुआ शुरू
जलशक्ति विभाग से ब्यास नदी से शुरू की गई पेयजल योजना के तहत बचे 600 मीटर के स्पैम को जोडऩे के लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत कॉलेज चौक से लेकर हीरानगर स्थित पानी के टैंक तक पाइप बिछाई जानी है, लेकिन करीब एक साल बाद पाइप आने के बाद भी अभी तक कुछ जगहों पर एनएचआई से परमीशन आना बाकी है। एनआईटी से राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के गेट तक विभाग द्वारा लाइन फुटपाथ पर ही बिछा दी है, जबकि उससे आगे पाइप को दबाने के लिए खुदाई की हा रही है। बता दें कि जलशक्ति विभाग द्वारा ब्यास नदी से वार्ड नंबर 11 के लिए लगभग 18 करोड़ रुपए की पेयजल योजना तैयार की थी। इस योजना के तहत एनआईटी से कुछ पीछे तक पाइप लाइन बिछा दी थी, लेकिन पाइप खत्म होने के बाद इस पाइप लाइन को टैंक से जोडऩे का कार्य लगभग एक साल पेंडिंग चल रहा था। विभाग का तर्क था कि एनआईटी तक तो पाइप बिछा दी है, लेकिन उससे आगे पाइप लाइन बिछाने के लिए उनके पास पाइपों की कमी है। गौर रहे कि पिछले 10 दिन पहले ही जलशक्ति विभाग के पास पानी की पाइपें पहुंची थीं। विभाग के पास पाइपें पहुंचने के बाद पाइपें बिछाने का काम तो शुरू कर दिया है, लेकिन कई जगहों पर विभाग को पाइप बिछाने के लिए एनएचआई से परमीशन लेने के लिए आवेदन किया है, अभी तक जिसकी परमीशन नहीं आई है। ब्यास नदी से शुरू की गई योजना से वार्ड नंबर 11 को अलग से पानी उपलब्ध होना था, साथ ही एनआईटी, हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर, आईएचएम हमीरपुर के लिए भी पानी की सप्लाई शुरू की जानी है। बकायदा इसके लिए हीरानगर में मशीनरी इंस्टॉल कर दी गई है। गौर रहे कि वार्ड नंबर के लोग पानी की समस्या से जूझ रहे थे, जिसके विभाग ने अलग से योजना तैयार की थी। इस योजना को पूरा करने के लिए विभाग ने पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया है। इस बारे में जलशक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता नीरज भोगल ने बताया कि महाविद्यालय चौक से पानी के टैंक तक 600 मीटर स्पैम के लिए पाइपें आ गई हैं और उसको बिछाने का कार्य भी शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि कुछ जगहों पर एनएचआईए की परमीशन आनी बाकी है, वहां पर परमीशन आने के बाद ही कार्य किया जाएगा।












