नियुक्ति नीति के खिलाफ वन मित्रों का हल्ला बोल, असिस्टेंट गार्ड भर्ती रोकने की उठाई मांग
अनंत ज्ञान ब्यूरो, मंडी।
मंडी में वन मित्रों ने नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर आवाज बुलंद करते हुए लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह को ज्ञापन सौंपा। हिमाचल प्रदेश वन मित्र यूनियन के बैनर तले पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने असिस्टेंट गार्ड की नई नियुक्तियों पर रोक लगाने की मांग की।
यूनियन के प्रदेश महासचिव मनीष ने बताया कि वर्तमान में कार्यरत वन मित्र पहले से ही विभागीय जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और उनके ऊपर गार्ड स्तर के कार्य का दायित्व भी है। ऐसे में यदि अलग से असिस्टेंट गार्ड की नियुक्ति की जाती है तो इससे वन मित्रों की पदोन्नति प्रभावित होगी और उनके भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विभाग को चाहिए कि असिस्टेंट गार्ड के पदों पर नियुक्ति सीधे वन मित्रों में से ही की जाए, ताकि अनुभव और कार्य के आधार पर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वन मित्रों ने बीते समय में विभागीय कार्यों, जन-जागरूकता अभियानों और वन संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाई है। इसके बावजूद अभी तक उनके लिए कोई स्पष्ट व स्थायी नीति निर्धारित नहीं की गई है, जिससे उनके मनोबल पर असर पड़ रहा है।
यूनियन ने मांग उठाई कि वन मित्रों के लिए शीघ्र स्थायी नीति बनाई जाए, मानदेय में वृद्धि की जाए तथा कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।












