जरल संपर्क मार्ग पर बिना निशान स्पीड ब्रेकर, फोरलेन की लापरवाही या खतरे को दावत?
अनंत ज्ञान, भीम बसेड़ू राजपूत। महादेव
कीरतपुर–मनाली फोरलेन परियोजना जहां एक ओर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर इसकी स्थानीय सड़कों और संपर्क मार्गों की जमीनी हकीकत लगातार सवालों के घेरे में है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर उठते सवाल अब थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
ताजा मामला फोरलेन से जुड़े गांव जरल के संपर्क मार्ग का सामने आया है, जहां हाल ही में बनाए गए गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) पर किसी भी प्रकार के चेतावनी निशान या संकेत चिन्ह नहीं लगाए गए हैं। स्थिति यह है कि दूर से ब्रेकर का पता न चल पाने के कारण वाहन चालक अचानक झटका खाकर ऊंचा जंप लगाते हुए निकल रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई छोटी चूक नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही है। नियमों के अनुसार स्पीड ब्रेकर पर स्पष्ट, चमकदार और दूर से दिखाई देने वाले संकेत चिन्ह लगाए जाने चाहिए ताकि वाहन चालक पहले ही सतर्क हो सकें, लेकिन यहां ऐसा कोई प्रावधान नजर नहीं आता।
विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग और भी जोखिम भरा साबित हो रहा है, क्योंकि अचानक लगने वाले झटके से संतुलन बिगड़ने की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों ने कई बार यातायात सुरक्षा के तहत साइन बोर्ड और चेतावनी संकेत लगाने की मांग उठाई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों ने उपायुक्त मंडी से अपील की है कि इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए जल्द से जल्द स्पीड ब्रेकर पर रिफ्लेक्टिव और स्पष्ट निशान लगाए जाएं, ताकि संभावित हादसों को टाला जा सके और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।












