आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का हल्ला बोल, 11 जुलाई को काला दिवस की चेतावनी
शिमला। राजधानी शिमला में सोमवार को आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने विभिन्न मांगों के समर्थन में सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से पहुंची सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने टालैंड से सचिवालय तक रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। ये मांगें उठाईं प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने मध्य प्रदेश की तर्ज पर मानदेय बढ़ाने, सेवानिवृत्ति लाभ देने, न्यूनतम वेतन लागू करने और क्लास-3 एवं क्लास-4 कर्मचारियों का दर्जा देने की मांग की।
साथ ही पंजाब की तर्ज पर अवकाश सुविधा, स्पेशल मेडिकल लीव और ईएसआई जैसी सुविधाएं लागू करने की भी मांग उठाई गई। ...
तो मनाया जाएगा काला दिवस
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यूनियन की राष्ट्रीय महासचिव ऊषा रानी ने कहा कि प्रदेशभर में आज सांकेतिक हड़ताल की गई है और यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 11 जुलाई को पूरे प्रदेश में काला दिवस मनाया जाएगा। कई कार्य करने के बावजूद नाममात्र मानदेय उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्री-स्कूल शिक्षा के साथ-साथ सरकार द्वारा सौंपे जाने वाले कई अतिरिक्त कार्य भी करती हैं, लेकिन उन्हें केवल 10 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है।
महंगाई के दौर में परिवार चलाना मुश्किल
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन भी अपनी जेब से खरीदना पड़ता है और रिचार्ज के लिए मिलने वाली 155 रुपये की राशि पर्याप्त नहीं है। संगठन का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा मानदेय में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है, इसलिए सरकार को जल्द मानदेय और अन्य सुविधाओं में बढ़ोतरी करनी चाहिए।






