अपनी कुर्सी बचाने के लिए मंत्रियों के अपमान से भी गुरेज़ नहीं कर रहे मुख्यमंत्री सुक्खू: जयराम ठाकुर
मंडी: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने और पार्टी हाईकमान को खुश करने के लिए अपने ही मंत्रियों का अपमान करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की कार्यशैली से प्रदेश की जनता ही नहीं, बल्कि उनके अपने मंत्री और विधायक भी हताश और निराश हैं।
मंडी स्थित विपाशा सदन में द्रंग विधानसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने सभी जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दीं और उन्हें जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का आह्वान किया। इस दौरान कांग्रेस छोड़कर 17 लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की, जिनका उन्होंने पार्टी में स्वागत किया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायत चुनावों में प्रदेश की जनता ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना स्पष्ट जनादेश दिया है। उनके अनुसार, प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत जनप्रतिनिधि भाजपा समर्थित चुने गए हैं, जो सरकार के प्रति जनता के असंतोष का संकेत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए पंचायत चुनाव टालने, शपथ ग्रहण में देरी करने और सत्ता के दबाव का इस्तेमाल करने की कोशिश की, लेकिन जनता ने इन प्रयासों को नकार दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने पंचायत चुनाव समय पर कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ी, जबकि राज्य सरकार ने आपदा कानून का सहारा लेकर चुनाव टालने का प्रयास किया। उनका आरोप था कि चुनाव जीतने के बाद भी कई स्थानों पर जनप्रतिनिधियों को समय पर शपथ नहीं दिलाई गई और सत्ता के बल पर निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रभावित करने की कोशिश हुई।
स्थानीय निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए जयराम ठाकुर ने दावा किया कि भाजपा ने तीन नगर निगमों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस केवल पालमपुर में सफलता हासिल कर सकी। उन्होंने कहा कि मंडी जिले में भाजपा ने 36 में से 29 जिला परिषद सदस्य चुने, जबकि कांग्रेस चार सीटों तक सिमट गई। इसके अलावा 12 में से पांच स्थानों पर भाजपा समर्थित जिला परिषद अध्यक्ष बने, जबकि कांग्रेस केवल एक स्थान पर ही अध्यक्ष बना सकी।
उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों का लक्ष्य तय करते हुए कहा कि भाजपा मंडी जिले की सभी दस विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करेगी। उनका आरोप था कि वर्तमान सरकार ने मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जैसे जिलों की उपेक्षा की है और विकास कार्य लगभग ठप पड़े हैं, जबकि सरकार केवल मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र पर विशेष ध्यान दे रही है।
प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हाल के दिनों में प्रदेश में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। उन्होंने शिमला, नालागढ़ और चंबा में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है और सरकार अपराध पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए जयराम ठाकुर ने द्रंग के देऊरी स्कूल में शिक्षा मंत्री को उद्घाटन कार्यक्रम से रोके जाने के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे एक चुने हुए जनप्रतिनिधि का अपमान बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने और पार्टी नेतृत्व को खुश करने के लिए अपने मंत्रियों की गरिमा तक का ध्यान नहीं रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी मंत्री के साथ इस प्रकार का व्यवहार होता है तो यह पूरे मंत्रिमंडल का अपमान है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में मंत्री के लिए इस्तीफा देना अधिक सम्मानजनक होता।
जयराम ठाकुर ने द्रंग और सराज क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा दोनों क्षेत्रों को समान महत्व दिया है और आगे भी विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से अपील की कि फिलहाल केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर विकास कार्यों को दोगुनी गति से आगे बढ़ाया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक पूर्ण चंद, भाजपा प्रदेश महामंत्री पायल वैद्य, जिला प्रभारी बलदेव भंडारी, पूर्व विधायक बलदेव तोमर, ज्योति कपूर, निर्मल वर्मा, इंदर ठाकुर, राज ठाकुर, मेहर चंद भारती, राजबली, रोशन लाल, चंपा देवी, दीपक शर्मा, पार्वती देवी, संजय कुमार, सुनीता, चूड़ामणि ठाकुर सहित भाजपा के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






