हिमाचल में स्कूल प्रवक्ताओं की वरिष्ठता सूची रद्द, 2006 से होगा पुनर्निर्धारण
शिमला। हिमाचल प्रदेश में स्कूल प्रवक्ताओं (लेक्चरर्स) की वर्ष 2017 में जारी तथा वर्ष 2023 में संशोधित वरिष्ठता सूची को शिक्षा निदेशालय ने रद्द कर दिया है। अब 1 जनवरी 2006 से प्रवक्ताओं की वरिष्ठता का नए सिरे से निर्धारण किया जाएगा। इस फैसले से प्रदेशभर के हजारों प्रवक्ताओं की वरिष्ठता, पदोन्नति, नियुक्ति, स्थानांतरण और अन्य सेवा लाभ प्रभावित होने की संभावना है।
शनिवार को निदेशक उच्च शिक्षा (स्कूल) आशीष कोहली द्वारा जारी आदेशों में कहा गया है कि बीते वर्षों में विभिन्न न्यायालयों के फैसलों, पूर्व प्रभाव से नियमितीकरण तथा सेवा लाभों से जुड़े आदेशों के कारण मौजूदा वरिष्ठता सूची में व्यापक बदलाव आवश्यक हो गए हैं। ऐसे में पुरानी सूची को यथावत बनाए रखना न्यायसंगत नहीं माना गया और वरिष्ठता सूची के पुनर्निर्धारण का निर्णय लिया गया है।
निदेशालय के अनुसार वर्ष 1995 से 2000 के बीच अनुबंध आधार पर नियुक्त कई प्रवक्ताओं को उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद पूर्व प्रभाव से नियमितीकरण का लाभ मिला है। कई मामलों में अदालतों ने प्रारंभिक नियुक्ति तिथि से नियमित सेवा मानते हुए उससे जुड़े सभी परिणामी लाभ देने के निर्देश दिए हैं। इन आदेशों के चलते संबंधित शिक्षकों की सेवा अवधि बढ़ी है, जिससे वरिष्ठता क्रम में बड़े बदलाव स्वाभाविक हो गए हैं।
शिक्षा निदेशालय ने 1 जनवरी 2006 से 31 दिसंबर 2012 तक की अवधि की अस्थायी वरिष्ठता सूची जारी कर दी है, जिसे विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। जिन प्रवक्ताओं का नाम सूची में शामिल नहीं है, सेवा विवरण में त्रुटि है या नियुक्ति एवं नियमितीकरण की तिथि गलत दर्ज है, वे अपने डीडीओ के माध्यम से आवश्यक दस्तावेजों सहित 15 दिनों के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। सभी दावों और आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम वरिष्ठता सूची प्रकाशित की जाएगी।
वरिष्ठता पुनर्निर्धारण की इस प्रक्रिया में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) में कार्यरत प्रवक्ताओं को भी शामिल किया जाएगा। न्यायालयों के कुछ आदेशों के तहत डाइट प्रवक्ताओं को स्कूल कैडर की वरिष्ठता सूची में शामिल करने के निर्देश दिए गए थे, जिन्हें अब लागू किया जा रहा है। इससे वरिष्ठता क्रम में कई स्थानों पर बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
वहीं शिक्षा निदेशालय ने फिलहाल 1 जनवरी 2013 के बाद की वरिष्ठता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। इसके पीछे हिमाचल प्रदेश भर्ती एवं सेवा शर्त अधिनियम-2024 से जुड़ा न्यायिक विवाद प्रमुख कारण बताया गया है। उच्च न्यायालय द्वारा इस अधिनियम को अवैध घोषित किए जाने के बाद राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की है। मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण 2013 के बाद की वरिष्ठता सूची फिलहाल तैयार नहीं की जाएगी।






