मनीषा मित्तल हत्याकांड में बड़ा खुलासा, तड़ीपार बदमाशों तक पहुंची जांच
शिमला के चर्चित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। अब जांच का फोकस उन कुख्यात अपराधियों पर पहुंच गया है जिन्हें अदालत द्वारा तड़ीपार (जिला बदर) घोषित किया जा चुका है। पुलिस को आशंका है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड में ऐसे हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की भूमिका हो सकती है, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने मामले से जुड़े कई अहम सुराग जुटाए हैं और संदिग्ध तड़ीपार बदमाशों की तलाश में विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। हालांकि, जिन लोगों पर शक जताया जा रहा है वे फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की विशेष टीमें उनकी तलाश में जुटी हुई हैं।
अवैध हथियारों की जांच में जुटी पुलिस
मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने एक पिस्टल और एक देसी कट्टा बरामद किया है। जांच के दौरान आरोपी इन हथियारों से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। इसके बाद पुलिस ने हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई नेटवर्क की जांच भी तेज कर दी है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने ये अवैध हथियार कहां से हासिल किए, क्या इनका इस्तेमाल पहले भी किसी आपराधिक घटना में किया गया था और इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है। हथियारों की फोरेंसिक जांच भी करवाई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हत्या में इस्तेमाल हथियार वही हैं या नहीं।
कई पहलुओं पर चल रही जांच
पुलिस हत्या के पीछे की साजिश, आरोपियों के आपसी संबंध, आर्थिक लेन-देन और संभावित मास्टरमाइंड की भूमिका सहित कई पहलुओं पर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है और जल्द ही कुछ और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
इस हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है और पुलिस पर जल्द से जल्द मामले की तह तक पहुंचने का दबाव बना हुआ है। फिलहाल पुलिस का दावा है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और फरार संदिग्धों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।






