कुल्लू में गरजीं कंगना: बोलीं-'हिमाचल से होगा कांग्रेस सरकार का सफाया', सांसद निधि रोकने का भी लगाया आरोप
कुल्लू। मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने शुक्रवार को कुल्लू जिले के ग्राम चंसारी में एनएचपीसी लिमिटेड के सहयोग से मैट्रिक्स सोसाइटी फॉर सोशल सर्विसेज द्वारा संचालित मोबाइल मेडिकल वैन आधारित प्राथमिक एवं निवारक स्वास्थ्य सेवाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर सांसद निधि रोकने और विकास कार्यों में बाधा डालने के आरोप लगाए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कंगना रनौत ने कहा कि बरसात का मौसम हिमाचल के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहता है। उन्होंने कहा कि उनकी प्रार्थना है कि प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रहे और जल्द ही कांग्रेस सरकार से भी छुटकारा मिले। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में बदलाव हुआ, उसी तरह हिमाचल में भी कांग्रेस सरकार का सफाया होगा।
'सांसद निधि जानबूझकर रोकी जा रही'
कंगना रनौत ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए करोड़ों रुपये की सांसद निधि स्वीकृत की है, लेकिन यह राशि जिला प्रशासन स्तर से आगे नहीं बढ़ाई जा रही। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर सांसद निधि को रोक रही है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार हिमाचल के विकास के लिए लगातार आर्थिक सहायता दे रही है, लेकिन प्रदेश सरकार उसका सही उपयोग नहीं कर रही। उनका दावा था कि भाजपा जनता के प्रति जवाबदेह है और हर खर्च का हिसाब देने के लिए तैयार है।
ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा
सांसद कंगना रनौत ने एनएचपीसी लिमिटेड और मैट्रिक्स सोसाइटी फॉर सोशल सर्विसेज की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि मोबाइल मेडिकल वैन दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। इसके माध्यम से ग्रामीणों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, रक्त परीक्षण, आवश्यक दवाइयां और प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं उनके गांवों तक उपलब्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। आयुष्मान भारत, नए एम्स, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और डिजिटल हेल्थ मिशन जैसी योजनाओं के बाद अब मोबाइल मेडिकल वैन जैसी पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और मजबूत करेगी।






