HRTC पेंशनरों की सरकार को दो टूक चेतावनी, मांगें नहीं मानीं तो 18 जून को मुख्यालय का घेराव
बिलासपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। घुमारवीं में आयोजित हिमाचल पथ परिवहन पेंशनर्ज कल्याण संगठन की राज्य स्तरीय बैठक में पेंशनरों ने साफ चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो 18 जून को शिमला स्थित एचआरटीसी मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता संगठन के राज्य प्रधान देवराज ठाकुर ने की।
लंबित मांगों पर जताया रोष
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पेंशनरों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार और निगम प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। संगठन के सचिव राजेंद्र ठाकुर और मीडिया प्रभारी बृजलाल ठाकुर ने बताया कि 14 फरवरी 2025 को मांग पत्र सौंपा गया था और 31 मई 2026 तक का समय भी दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया।
मुख्यमंत्री से बैठक पर टिकी उम्मीदें
संगठन ने बताया कि उन्हें 7 जून को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ बैठक का निमंत्रण मिला है। इस बैठक में संगठन के पांच प्रतिनिधि भाग लेंगे और पेंशनरों की सभी प्रमुख मांगों को सरकार के सामने रखेंगे। पेंशनरों का कहना है कि यदि बैठक में उनकी समस्याओं के समाधान पर सहमति बनती है तो प्रस्तावित आंदोलन पर पुनर्विचार किया जा सकता है। हालांकि समाधान न होने की स्थिति में 18 जून का घेराव कार्यक्रम तय समय पर आयोजित किया जाएगा।
क्या है पेंशनरों की मांगें?
पेंशनरों ने वर्ष 2016 से संबंधित संशोधित वेतनमान के एरियर का एकमुश्त भुगतान करने की मांग उठाई है। इसके अलावा अप्रैल 2024 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन तुरंत शुरू करने, लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान करने और नए वेतनमान के अनुसार पेंशन निर्धारण के एरियर जारी करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
महंगाई भत्ता और नियमित पेंशन का मुद्दा भी अहम
संगठन ने 1 जनवरी 2016 से लंबित महंगाई भत्ते के एरियर के भुगतान, चालकों और परिचालकों के विशेष वेतन वृद्धि तथा एसीपी बकाया जारी करने की मांग भी दोहराई। साथ ही प्रत्येक पेंशनर को उसके देय लाभों का व्यक्तिगत ब्यौरा उपलब्ध करवाने और हर महीने की पहली तारीख को नियमित पेंशन सुनिश्चित करने के लिए स्थायी बजट प्रावधान करने की मांग भी उठाई गई।
आंदोलन की तैयारी में पेंशनर
बैठक में स्पष्ट किया गया कि यदि सरकार और निगम प्रबंधन पेंशनरों की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखाते हैं तो राज्यभर के पेंशनर 18 जून को शिमला में एकजुट होकर एचआरटीसी मुख्यालय का घेराव करेंगे। संगठन का कहना है कि पेंशनरों के अधिकारों और लंबित देयों के लिए यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।






