हिमाचल के टोल बैरियरों पर छिड़ी संवैधानिक लड़ाई, राष्ट्रपति से राष्ट्रीय राजमार्गों से टोल हटाने की मांग
हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगाए गए टोल बैरियरों को हटाने की मांग अब राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गई है। किसान और सामाजिक संगठनों की संयुक्त संघर्ष समिति ने 80 पन्नों की संवैधानिक याचिका दायर कर राष्ट्रपति से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सभी टोल बैरियर हटाने और टोल वसूली बंद कराने की मांग की है।
याचिका में दावा किया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल लगाने और वसूलने का अधिकार केवल संसद के पास है। समिति का आरोप है कि हिमाचल सरकार की 2026-27 टोल नीति संविधान के प्रावधानों और केंद्र-राज्य शक्तियों के विभाजन के विपरीत है।
याचिकाकर्ताओं ने अनुच्छेद 256 और 257 के तहत राष्ट्रपति से हिमाचल सरकार को निर्देश जारी करने की मांग की है। साथ ही एनएचएआई के दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगे टोल बैरियर संचालन और विकास में बाधा बन रहे हैं।
संघर्ष समिति का आरोप है कि राज्य सरकार इन टोल बैरियरों के माध्यम से हर वर्ष करीब 150 से 200 करोड़ रुपये की वसूली कर रही है, जबकि इसकी संवैधानिक वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।






